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WHO के नक्शे में J&K, लद्दाख हैं भारत से अलग! भड़के प्रवासी बोले- इसके पीछे चीन का हाथ

दरअसल, लंदन में रहने वाले आईटी कंसल्टेंट पंकज की नजर इस मैप पर सबसे पहले पड़ी। उनके मुताबिक, किसी WhatsApp ग्रुप पर इसे शेयर किया गया था।

Author Edited By अभिषेक गुप्ता नई दिल्ली | Updated: January 10, 2021 11:49 AM
India, WHO, MapWHO की वेबसाइट पर इस कलर कोडेड मैप में भारत के दोनों नए केंद्र शासित प्रदेशों (UT’s) को ग्रे रंग से दर्शाया गया है। (फोटो सोर्सः www.who.int)

World Health Organisation (WHO) ने अपने एक नक्शे में जम्मू और कश्मीर के साथ लद्दाख को भारत से अलग दर्शाया है। यह कलर कोडेड मैप डब्ल्यूएचओ की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। भारतीय हिस्सा इसमें नीले रंग से दिखाया गया है, जबकि जम्मू और कश्मीर व लद्दाख को ग्रे कलर से चिह्नित किया गया है। वैश्विक संस्था के इस मैप को लेकर ब्रिटेन में भारतीय प्रवासियों में खासा नाराजगी देखने को मिली है।

मैप में देश के दो नए केंद्र शासित प्रदेशों को ग्रे रंग से दिखाया गया है, जबकि भारत अलग नीले रंग वाले हिस्से में नजर आ रहा है। वहीं, अक्साई चिन का विवादित हिस्सा ग्रे रंग से दिखाया गया है, जिस पर नीले रंग की पट्टियां/धारियां हैं।

यह नक्शा WHO की ‘Covid-19 Scenario Dashboard’ में उपलब्ध है, जो कि देश के हिसाब से बताता है कि किस मुल्क में वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के कितने पुष्ट मामले हैं और उससे कितनी मौतें हुई हैं। हालांकि, मैप पर पनपे विवाद को लेकर WHO ने साफ किया है कि वह United Nation के दिशा-निर्देशों का पालन करता है और उसी हिसाब से मैप्स को पढ़ता, समझता और देखता है।

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”चीन हो सकता है इसके पीछे”: दरअसल, लंदन में रहने वाले आईटी कंसल्टेंट पंकज की नजर इस मैप पर सबसे पहले पड़ी। उनके मुताबिक, किसी WhatsApp ग्रुप पर इसे शेयर किया गया था। उन्होंने अंग्रेजी अखबार ‘Times of India’ को बताया, “जम्मू कश्मीर और लद्दाख को दूसरे रंग के साथ देखकर मैं हैरान रह गया था। चीन इस सबके पीछे हो सकता है, क्योंकि वह WHO को मोटी फंडिंग देता है।”

बकौल पंकज, “मैं हैरत में पड़ गया था कि डब्ल्यूएचओ बड़ा संस्थान भी ऐसा कर सकता है। मुझे मालूम है कि चीन डब्ल्यूएचओ को मोटा फंड देता है और पाकिस्तान को चीन से कर्ज मिलता है। मुझे लगता है कि इसके पीछे चीन है, क्योंकि WHO पर चीन का काफी अधिक असर दिखता है।”

प्रवासी समूह Reach India (UK) में सोशल मीडिया हेड नंदिनी सिंह भी इस बाबत WHO पर भड़कीं। अखबार को उन्होंने बताया- कोरोना के लिए भारत ने जो किया (दुनिया भर में पीपीई किट्स की सप्लाई और संभावित वैक्सीन), उसके लिए शुक्रिया अदा करने के बजाय वह इंडिया को ही नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा है। उसे इसके लिए माफी मांगनी चाहिए और गलती दुरुस्त करनी चाहिए।

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