World Food Day: जीरो कैलोरी बच्चों की सेहत के लिए हानिकारक, अभिभावक चाहते हैं पैक्ड फूड पर वसा, चीनी और नमक की स्पष्ट जानकारी हो

लोक नीति और शोध संगठन आईजीपीपी के निदेशक मनीष तिवारी ने कहा कि ज्यादा वसा, नमक और चीनी वाले पैकेज्ड फूड प्रॉडक्ट की आसान उपलब्धता की वजह से गैर संक्रामक बीमारियां (एनसीडी) बढ़ रही हैं।

Packed food, Junk Food
सर्वे में 77% लोगों ने माना कि उत्पादों पर चेतावनी अनिवार्य कर दी जाए तो लोग हेल्दी उत्पाद की ओर ज्यादा आकर्षित होंगे।

पैकेटबंद खाने-पीने की चीजों के सेहत पर पड़ने वाले असर के मद्देनज़र 80% भारतीय अभिभावक चाहते हैं कि ऐसे सामानों में सामने की ओर स्पष्ट चेतावनी (एफओपीएल FoPL) की व्यवस्था हो, ताकि उन्हें पैकेटबंद चीजों में फैट (वसा), नमक और चीनी की मात्रा का साफ पता चल सके। 60% माता-पिता चिंतित हैं कि ऐसे खाद्य उत्पादों का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है और साथ ही इनकी विज्ञापन रणनीति ज्यादा आक्रामक हो रही है। 77% ने माना कि उत्पादों पर चेतावनी अनिवार्य कर दी जाए तो लोग हेल्दी उत्पाद की ओर ज्यादा आकर्षित होंगे।

यह बात एक राष्ट्रीय ऑनलाइन सर्वेक्षण में सामने आई है। विश्व खाद्य दिवस के मौके पर आईजीपीपी (इंस्टीट्यूट ऑफ गवर्नेंस, पॉलिसी एंड पॉलिटिक्स) की ओर से किए गए एक इस सर्वेक्षण के मुताबिक भारतीय माता-पिता बच्चों में बढ़ती इस जंक फूड की समस्या को लेकर जागरूक हो रहे हैं।

लोक नीति और शोध संगठन आईजीपीपी के निदेशक मनीष तिवारी ने कहा कि ज्यादा वसा, नमक और चीनी वाले पैकेज्ड फूड प्रॉडक्ट की आसान उपलब्धता की वजह से गैर संक्रामक बीमारियां (एनसीडी) बढ़ रही हैं जिसे मूक हत्यारा (साइलेंट किलर) भी कहा जाता है। पैकेटबंद खाद्य उत्पादों पर आसानी से समझने योग्य, पठनीय और स्वीकार्य लेबल से लोगों को हेल्दी प्रॉडक्ट खरीदने में सुविधा होगी।

विशेषज्ञ की राय
बच्चों को बीमार कर रही जीरो कैलरी “वसा, चीनी और नमक का ज्यादा मात्रा में सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। ज्यादातर पैकेटबंद खाद्य पदार्थों में अतिरिक्त कैलोरी होती है, जिसे शून्य कैलोरी भी कहा जाता है क्योंकि उनमें पोषक तत्वों, विटामिन और नेचुरल फाइबर की कमी होती है। उनसे वजन बढ़ता है और हाई ब्लड शुगर होता है।

भारत पहले से अस्वस्थकर आहार के विनाशकारी प्रभाव का सामना कर रहा है। अगर इसी तरह का खान-पान जारी रहा तो भारत जल्दी ही डायबिटीज और मोटापे की राजधानी बन जाएगा।” 

डॉ. मधुकर मित्तल, एम्स, जोधपुर के एंडोक्रोनोलॉजी विभाग में एडिशनल प्रोफेसर 

पढें राष्ट्रीय समाचार (National News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

Next Story
बीफ पार्टी करने के आरोप में J&K के एमएलए पर दिल्‍ली में फेंकी स्‍याही, मोबिल