BJP प्रवक्ता बोले- जितनी बार लोग दिल्ली से नोएडा नहीं जाते उससे ज्यादा राहुल गांधी विदेश गए, कांग्रेस नेता बोले- अकेले राहुल भाजपा के खिलाफ लड़ रहे हैं

मुंबई में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यूपीए के अस्तित्व पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि यूपीए क्या है? कोई यूपीए नहीं है।

राहुल गांधी (फोटो: पीटीआई)

बुधवार को मुंबई में एनसीपी नेता शरद पवार से मिलने के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तंज कसते हुए यूपीए के अस्तित्व पर ही सवाल खड़ा कर दिया और कहा कि यूपीए है ही नहीं। इसी मुद्दे पर टीवी डिबेट के दौरान भाजपा नेता ने कहा कि जितनी बार लोग दिल्ली से नोएडा नहीं जाते तो उससे ज्यादा राहुल गांधी विदेश गए हैं। इसपर कांग्रेस प्रवक्ता ने राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा कि वे ही अकेले भाजपा के खिलाफ लड़ रहे हैं।

एबीपी न्यूज पर टीवी डिबेट के दौरान एंकर रुबिका लियाकत ने भाजपा नेता शिवम त्यागी से सवाल पूछा कि क्या ममता बनर्जी को नेता माने जाने से लड़ाई मुश्किल होगी। इसपर भाजपा नेता  शिवम त्यागी ने राज्यों में जोड़ तोड़ से सरकार बनाई जा सकती है। लेकिन पूरे देश में यह मुश्किल है। आगे उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि चाहे जो हो लीडर हमेशा इनके परिवार से ही आएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि 2015-19 के बीच में राहुल गांधी 247 बार देश से बाहर गए हैं। इतनी बार तो आप भी नोएडा से दिल्ली नहीं गए होंगे।

भाजपा नेता के इन आरोप पर पलटवार करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता गुरदीप सप्पल ने कहा कि भाजपा कई साल से राहुल गांधी पर अटैक करती है। राहुल गांधी ही हैं जो भाजपा से मुकाबला कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की यह कोशिश पहली बार नहीं है। वे 2014 में अन्ना हजारे के साथ थीं और अब प्रशांत किशोर के साथ हैं।

गौरतलब है कि मुंबई में ममता बनर्जी ने इशारों इशारों में कांग्रेस और राहुल गांधी के ऊपर निशाना साधा। ममता बनर्जी ने कहा कि मैं देश में लोगों से मिल रही हूं तो इसमें समस्या क्या है। कुछ ऐसी पार्टियां और लोग हैं जो कुछ नहीं करते हैं। आधा समय तो वो विदेश में गुजारते हैं। कुछ नहीं करते। इतना ही नहीं उन्होंने मुंबई में यूपीए के अस्तित्व पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि यूपीए क्या है? कोई यूपीए नहीं है।

तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने भी पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के बयान का बचाव करते हुए कहा कि पिछले 10 वर्षों से यूपीए नहीं है। डेरेक ओ ब्रायन ने  कहा कि यदि आप यूपीए के इतिहास पर गौर करें तो पाएंगे कि 13 मई 2004 को चुनाव के नतीजे आए थे। शासन के लिए 16 या 17 मई को यूपीए का गठन हुआ था। 22 मई को डॉ मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। चुनाव बाद यूपीए का गठन करने का स्पष्ट उद्देश्य था और यह बेहतर शासन के लिए था। यह 2014 तक चला।

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