पहले चरण के लिए चुनाव प्रचार के आखिरी चरण में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) – भारतीय जनता पार्टी (भाजपा ) व भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आइएनसी) ने पश्चिम बंगाल में अपनी पूरी ताकत लगाई है। लेकिन इस चुनाव में 17 सीटें ऐसी हैं, जहां महिला मतदाता ही उम्मीदवार के भाग्य का फैसला करेंगी। इन विधानसभाओं में पुरुष मतदाता की तुलना में महिला मतदाता अधिक हैं। पहले चरण में ऐसी आठ विधानसभा और दूसरे चरण में नौ विधानसभा हैं।
पहले चरण में आने वाली विधानसभा सभाओं में बीते चुनाव में टीएमसी ने छह सीट पर कब्जा किया था, जबकि दो सीट पर भाजपा ने बाजी मारी थी। बरहाम्पुर व खड़कपुर सदर को छोड़कर इन विधानसभा सभी की सभी सीट पर टीएमसी का कब्जा था। इन सभी सीट में कांग्रेस पार्टी एक ही सीट समसेरगंज सीट पर नजर आई थी, हालांकि कांग्रेस यहां दूसरे नंबर पर थी। इसकी वजह थी कि कांग्रेस गिनी चुनी सीट पर ही मैदान में थी। लेकिन इस बार कांग्रेस सभी सीट से मैदान में हैं और सभी विधानसभा में एक त्रिकोणीय मुकाबला बनाने की दिशा में काम कर रही है।
पहले चरण कुल 152 सीट के लिए मतदान हो रहा है। इन सीट में जहां पर महिला मतदाताओं की संख्या अधिक है, उन सीट में समसेरगंज में पुरुष 78004 व महिला 83430, बरहाम्पुर में पुरुष 118741 व महिला 122079, खड़गपुर सदर में पुरुष 88980 व महिला 91542, मेदिनीपुर पुरुष 128848 व महिला 131447, बिनपुर में पुरुष 110250 व महिला 110873, बंदवान पुरुष 145379 व महिला 140587, दुर्गा पुर पुरब में पुरुष 118400 व महिला 18726, रामपुर हाट में पुरुष 121631 व महिला 123527 है। महिला आरक्षण के बहाने कांग्रेस व तृणमूल कांग्रेस के बीच रिश्तों में सुधार हुआ है।
महिला आरक्षण व परिसीमन संबंधी विधेयक गिरने के बाद से ही विपक्षी लगातार भाजपा पर हमलावर है। इन हमलों की आवाज दोनों पक्षों की ओर से सुनाई दे रही है। इस विधेयक के समर्थन के लिए तृणमूल कांग्रेस ने अपने 21 सांसदों को दिल्ली भेजा था, जिसके बाद कांग्रेस ने रणनीति में बदलाव किया है और पश्चिम बंगाल में टीएमसी पर हमले कम किए हैं।
इसके अतिरिक्त राहुल गांधी व प्रियंका गांधी की रैलियों को कम किया है या टाल दिया है, जिसे सीधे तौर पर तृणमूल कांग्रेस पर हमलों के विराम के तौर पर देखा जा रहा है । ज्ञात हो कि इस बार पश्चिम बंगाल में कांग्रेस पार्टी सभी सीट पर चुनाव मैदान में है । इस विधेयक के गिरने के बाद राहुल गांधी ने अभिषेक बनर्जी को और सोनिया गांधी ने ममता बनर्जी का धन्यवाद किया था। हालांकि महिला आरक्षण के मुद्दा देखें तो पश्चिम बंगाल में पहले ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी महिला हैं और महिला प्रतिनिधित्व में उनका आंकड़ा अन्य दलों से अच्छा है, इस वजह से टीएमसी के खिलाफ महिला आरक्षण मुद्दा चलना आसान नहीं है ।
दूसरे चरण में अधिक हैं महिला मतदाता बहुल सीट
पश्चिम बंगाल में दो चरण में मतदान होगा। दूसरे चरण में महिला मतदाताओं वाली सीट की संख्या अधिक है। इस चरण में कुल नौ सीट शामिल हैं। इनमें बिधान नगर में पुरुष मतदाता 98891 व महिला मतदाता 104979 हैं। इसी प्रकार सोनार दक्षिण पुरुष 128960 व 132016 महिला , जादव पुर में 124529 पुरुष व 136288 महिला, सोनार उत्तर में पुरुष 135666 व महिला 137535, टाली गंज में पुरुष 110663 व महिला 119323, बेहाला पूर्व में पुरुष 126011 व महिला 133735, बेहाला पश्चिम में पुरुष 128608 व महिला 137562, राशबेहारी में पुरुष 76263 व महिला 82137, शिबपुर में 96193 व महिला 98766 शामिल हैं।
