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सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर SC ने कहा-हिंदू महिला हो या पुरुष, दोनों में भेदभाव नहीं कर सकते

कोर्ट ने कहा कि महिलाओं को मंदिर में पूजा करने से रोकना उनके संवैधानिक अधिकारों का हनन होगा।

Author नई दिल्ली | Updated: April 13, 2016 6:02 PM
सबरीमाला मंदिर के ट्रस्ट और केरल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि महिलाओं के मंदिर में पूजा करने पर लगी पारंपरिक रोक को नहीं हटाया जाना चाहिए। (Photo Source:PTI)

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश संबंधित मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि हिंदू धर्म में महिलाओं और पुरुषों के बीच किसी तरह का कोई भेदभाव नहीं किया गया है। हिंदू एक हिंदू होता है। जज ने कहा कि महिलाओं को मंदिर में पूजा करने से रोकना उनके संवैधानिक अधिकारों का हनन होगा। सबरीमाला मंदिर के ट्रस्ट और केरल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि महिलाओं के मंदिर में पूजा करने पर लगी पारंपरिक रोक को नहीं हटाया जाना चाहिए। उन्होंने कोर्ट में बताया कि मंदिर के अंदर विराजमान देवता ब्रह्मचारी हैं, मंदिर में महिलाओं के जाने पर उनकी पवित्रता में बाधा आ सकती है।

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गौरतलब है कि मंगलवार को ही बंबई होई कोर्ट ने आदेश दिया था कि जिन-जिन मंदिरों में पुरुषों को जाने की अनुमति हैं, वहां-वहां महिलाएं भी प्रवेश कर सकती हैं। महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के शनि शिंगणापुर मंदिर में महिलाओं को प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा था। जिसके बाद काफी विवाद हुआ था, मंदिर प्रबंधन और गांव के लोग महिलाओं को मंदिर के अंदर प्रवेश करने से रोक रहे थे।

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