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ISIS ने डेढ़ साल से पहले पति को किया अगवा, सरकार बता रही जिंदा, मां-बाप डाल रहे दूसरी शादी का दबाव

महिला आईएसआईएस द्वारा इराक के मोसुल में जून 2014 में बंधक बनाए गए 39 भारतीय मजदूरों में से एक की पत्‍नी है। डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी भारत सरकार उनके जिंदा होने की बात कहती रही है।

Author चंडीगढ़ | December 10, 2015 11:28 AM
FILE (AP PHOTO)

इस महिला का पति आतंकी संगठन आईएसआईएस द्वारा इराक के मोसुल में जून 2014 में बंधक बनाए गए 39 भारतीय मजदूरों में से एक है। महिला के मां-बाप चाहते हैं कि अब उनकी बेटी दोबारा शादी कर ले। हालांकि, उसके ससुराल वालों को सरकार की ओर से दिए गए आश्‍वासन की वजह से पूरा भरोसा है कि उनका बेटा जिंदा है। बता दें कि अगवा किए जाने के बाद से ये मजदूर फिलहाल लापता हैं। भारत सरकार लगातार यह कहती रही है कि वे अब भी सुरक्षित हैं।

गायब शख्‍स की मां ने द इंडियन एक्‍सप्रेस को बताया, ”बहू को उसके घरवाले चार महीने पहले वापस ले गए और उसके बाद से उनसे कोई संपर्क नहीं है।” मां ने कहा, ”हम ऐसा (दोबारा से शादी) कैसे कर सकते हैं? अगर भारत सरकार का कहना सही है और हमारा बेटा जिंदा है तब क्‍या होगा? सरकार मेरे बेटे के जिंदा होने की बात ऐसे ही तो नहीं कह रही होगी।” महिला के मां-बाप चाहते हैं कि उनकी बेटी अपने पति के चचेरे भाई से शादी कर ले। लापता शख्‍स की मां ने कहा, ”लड़की के मां-बाप ने धमकी दी है कि अगर हमने अपने भतीजे से बहू की शादी के लिए हां नहीं की, तो वे उसकी कहीं और शादी कर देंगे।” वहीं, महिला के पिता ने अपने बेटी की शादी के लिए ससुराल वालों पर दबाव बनाने की बात से इनकार किया है। हालांकि, उन्‍होंने कहा कि उनकी बेटी का भविष्‍य अधर में है। उन्‍होंने कहा, ” कोई पिता नहीं चाहता कि उसकी बेटी इतनी दुश्‍वारियों के साथ जिंदगी बिताए। हम आखिर कितने दिन तक इंतजार कर सकते हैं? हमें उसके भविष्‍य को लेकर फैसला तो लेना ही होगा।”

होशियारपुर जिले के चौनी कलां गांव के रहने वाले परविंदर सिंह उर्फ लकी दोनों परिवारों के बीच मध्‍यस्‍थ की भूमिका निभा रहे हैं। वे आईएसआईएस के अगवा करने के बाद से लापता हुए भारतीय लोगों में से एक कमलजीत सिंह के भाई हैं। उन्‍होंने कहा, ”उनकी (महिला के घरवालों) कोई गलती नहीं है। कोई भी उनके हालात समझ सकता है। हम अब तक 9 बार विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज से मिल चुके हैं। हर बार उन्‍होंने वही जवाब दिया है। उन्‍होंने कोई नई जानकारी नहीं दी। हमारे लिए इस तरह के हालात बेहद मुश्‍किल भरे हैं।”पिछले साल इराक से भाग निकले हरजीत मसीह नाम के शख्‍स ने दावा किया था कि अगवा किए गए मजदूरों की हत्‍या की जा चुकी है। हालांकि, सरकार ने पीडि़तों के घरवालों को यही कहा कि उन्‍हें मसीह के दावों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। परविंदर ने कहा, ”सरकार को या तो इन लोगों को खोज निकालना चाहिए या फिर मसीह के दावे को मान लेना चाहिए ता‍कि हमारी जिंदगी आगे बढ़ सके। इराक में अगवा हुए अधिकतर लोगों की उम्र 20 से 30 साल के बीच है। उनमें से कई की हाल ही में शादी हुई थी। इनकी पत्‍नियों की जिंदगी मझधार में है। सरकार को कोई फैसला लेना ही होगा। इन महिलाओं के लिए दोबारा से जिंदगी शुरू करना बेहद मुश्किल होगा। अभी उनके पास वक्‍त और उम्र दोनों है, बाद में काफी दिक्‍कत होने वाली है। ”

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