प्रधानमंत्री कार्यालय की एक उच्च पदस्थ अधिकारी होने का दावा करने वाली एक महिला को गुरुवार को दिल्ली में गिरफ्तार किया गया। उस पर आरोप है कि उसने एक दिन पहले फर्जी पहचान का इस्तेमाल करके पश्चिम बंगाल राज्य सचिवालय नबन्ना में प्रवेश किया था।
30 साल की आकांक्षा विद्यार्थी ने बुधवार दोपहर को झूठे बहाने बनाकर पश्चिम बंगाल के लोक निर्माण मंत्री अजय पोद्दार से मुलाकात तय की। विद्यार्थी सुरक्षा घेरा तोड़कर मंत्री के कार्यालय में घुसने में कामयाब रहीं, जो कि कड़ी सुरक्षा वाला परिसर है। हालांकि, बातचीत के दौरान, पोद्दार को उसके असंगत बयानों पर संदेह होने लगा और उसने उसकी योग्यता पर सवाल उठाना शुरू कर दिया। जब विद्यार्थी को एहसास हुआ कि उसकी पहचान उजागर हो गई है, तो वह अचानक परिसर छोड़कर चली गई।
मंत्री के कर्मचारियों ने अधिकारियों ने दी जानकारी
मंत्री के कर्मचारियों ने तुरंत अधिकारियों को जानकारी दी। इसके बाद शिबपुर पुलिस ने जांच शुरू की। अधिकारियों को पता चला कि विद्यार्थी पहले ही दिल्ली के लिए उड़ान भर चुकी थी। शिबपुर पुलिस ने सरकारी अधिकारी बनकर धोखाधड़ी करने और नकली दस्तावेज पेश करने जैसे आरोप लगाए हैं। एक महिला अधिकारी की अगुवाई में एक टीम रात भर का सफर करके दिल्ली पहुंची, गुरुवार को सेंट्रल दिल्ली में विद्यार्थी को उसके घर पर ढूंढा और उसे हिरासत में ले लिया।
हावड़ा सिटी पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, “हम उसे आगे की पूछताछ के लिए कोलकाता वापस लाने के लिए ट्रांजिट रिमांड ले रहे हैं। हम अभी यह पता लगा रहे हैं कि क्या उसके कोई स्थानीय साथी थे और उन कागजात की असलियत की जांच कर रहे हैं जिनका इस्तेमाल उसने मीटिंग तय करने के लिए किया था।”
अन्य फर्जी पीएमओ अधिकारी
यह गिरफ्तारी ऐसे मामलों के बीच हुई है जिनमें लोगों ने अधिकारियों तक पहुंचने या सरकारी फैसलों को प्रभावित करने का वादा करके पैसे ऐंठने के लिए कथित तौर पर पीएमओ की फर्जी पहचान का इस्तेमाल किया। ऐसे ही एक मामले में, पुलिस ने पिछले महीने मुंबई में दो लोगों को गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026’ के लिए शहर के दौरे से एक दिन पहले हुई थी।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने कथित तौर पर बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स में जियो वर्ल्ड प्लाजा में घुसने के लिए पीएमओ के फर्जी पहचान पत्र का इस्तेमाल किया था, लेकिन यह भी साफ किया कि इस घटना का प्रधानमंत्री के दौरे या कार्यक्रम से कोई लेना-देना नहीं था।
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