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पूर्व PM राजीव गांधी से वापस लिया जाए भारत रत्न, अकाली नेता बोले- 1984 में सेना बुलाई होती तो न होतीं हजारों सिखों की हत्याएं

बादल ने कहा कि मनमोहन सिंह के बयान के अलावा केंद्रीय गृह मंत्रालय के रिकॉर्ड से भी साबित होता है कि राजीव गांधी की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में सेना को नहीं बुलाने का निर्णय लिया गया था।

चंडीगढ़ में मीडिया से बात करते शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल (फोटो सोर्स- एएनआई)

शिरोमणि अकाली दल के (एसएडी) अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने शुक्रवार को कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को मरणोपरांत दिया गया भारत रत्न तत्काल वापस लिया जाए। चंडीगढ़ में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि नए खुलासे से यह पता चला है कि उन्होंने राजधानी दिल्ली में सिखों के नरसंहार को रोकने के लिए सेना की तैनाती नहीं होने दी थी। आरोप लगाया कि इस नृशंस कार्य में उनके परिवार का हाथ होने की वजह से ऐसा नहीं किया गया।

कहा- मनमोहन का बयान भी पुष्टि करता है : एसएडी अध्यक्ष ने कहा, “पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का बयान भी इस आरोप की पुष्टि करता है कि अगर राजीव गांधी ने कांग्रेस नेताओं के नेतृत्व में किए जा रहे दंगे को रोकने के लिए सेना को बुलाने की अपील पर ध्यान दिया होता तो 1984 के सिख नरसंहार को रोका जा सकता था। दंगाई सिखों और उनकी संपत्ति को निशाना बना रहे थे। बादल ने कहा कि मनमोहन सिंह के बयान के अलावा केंद्रीय गृह मंत्रालय के रिकॉर्ड से भी साबित होता है कि राजीव गांधी की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में सेना को नहीं बुलाने का निर्णय लिया गया था।”

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पीएम से अन्याय को सुधारने की मांग : उन्होंने कहा, “पूरा सिख समुदाय इस बात से आक्रोशित है कि एक व्यक्ति जिसने हजारों सिखों के दमन की योजना बनाई और उसकी देखरेख में इसे रोकने की अपील को नजरअंदाज किया गया, उसे देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार दे दिया गया। इस अन्याय को सुधारा जाना चाहिए। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करता हूं कि राजीव गांधी से तत्काल इस सम्मान को वापस लिया जाए।”

सड़कों, संस्थाओं, योजनाओं से नाम भी हटाए जाएं :एसएडी अध्यक्ष ने कहा, “राजीव गांधी और उन सभी लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया जाना चाहिए, जो लोग कांग्रेस के गुंडों द्वारा लूटमार को रोकने के लिए सेना को दिल्ली में आने से रोके थे। राजनीतिक नेताओं और उन अफसरों को जो इस अपराध के लिए जिम्मेदार हैं, को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। इससे भविष्य की पीढ़ी के सामने ऐसी बर्बरता करने वालों के प्रति सबक पेश किया जा सकेगा।बादल ने केंद्र सरकार से यह भी मांग की कि सभी सड़कों, एयरपोर्ट्स, संस्थाओं और सरकारी योजनाओं से राजीव गांधी का नाम तत्काल हटाया जाए।”

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