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विंग कमांडर ने पत्र लिखकर चेताया- राजनाथ सिंह समेत कई वीआईपी कर रहे हैं जोखिम भरी हवाई यात्रा

पत्र में कहा गया है कि बीएसएफ एयर विंग के पास एक भी इन्फ्रा रेड (आईआर) फ्लेयर नहीं जिससे मिसाइल से होने वाले हमले को रोका जाता है।

किरेन रिजीजू का विमान जब ईटानगर में आपकालीन स्थिति में उतरा तो स्थानीय नागरिक उसके आसपास इकट्ठा हो गये। (पीटीआई फोटो)

इसी साल चार जुलाई को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरेन रिजीजू उस वक्त बाल-बाल बचे जब उन्हें लेकर जा रहे एमआई-17 हेलीकॉप्टर को अरुणाचल प्रदेश में खराब मौसम के कारण आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजीजू ने हेलीकॉप्टर के पायलट को जान बचाने के लिए धन्यवाद भी कहा था। शायद रिजीजू को ये नहीं पता था उनका हेलीकॉप्टर उड़ा रहे पायलटों में से एक अवर्गीकृत (प्रशिक्षु) पायलट था। अब भारतीय सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एयर विंग के एक पायलट ने उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर कहा है कि किरेन रिजीजू और गृह मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई अन्य विशिष्ट (वीआईपी) जन असुरक्षित हवाई यात्रा कर रहे हैं। इस पायलट ने अपने पत्र में कहा है कि कई वीआईपी हेलीकॉप्टर अवर्गीकृत पायलटों उड़ा रहे हैं और एयरक्राफ्ट की देखरेख भी सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं है। इस पायलट के लिखे खत के अनुसार कई वीआईपी की हवाई यात्रा के दौरान सुरक्षा और उड़ान से जुड़ी मानक प्रक्रिया (एसओपी) का पालन नहीं किया जा रहा है।

बीएसएफ के एयर विंग में आठ एमआई-17 वी-5 चॉपर और एक एम्ब्ररर हैं। इनमें ज्यादातर वीआईपी ही उड़ान भरते हैं। इनका प्रयोग नक्सल-प्रभावित इलाकों इत्यादि में फंसे हुए या घायल सैनिकों को निकालने में भी किया जाता है। पत्र लिखने वाले विंग कमांडर योगेश कुमार दक्ष ने इंगित किया है कि जून 2015 से एक भी फ्लाइट सेफ्टी बैठक नहीं हुई है। विंग कमांडर दक्ष के अनुसार इस दौरान एयर विंग ने पायलटों की प्री-फ्लाइट मेडिकल जांच भी नहीं की है और बेस ऑपरेशन के नाम पर टेलीफोन ऑपरेटर कंट्रोल रूम के तौर पर काम कर रहे हैं।

15 अगस्त की तारीख वाला ये पत्र बीएसएफ के आईजी (एयर) को सम्बोधित है। पत्र में कहा गया है कि ये चॉपर सैन्य नियमों के तहत पंजीकृत हैं और भारतीय वायु सेना द्वारा तय किए गए मानक प्रक्रिया (एसओपी) के तहत उड़ान भरते हैं। पत्र में लिखा गया है, “पिछले कुछ महीनों में ये देखने में आया है कि इन निर्देशों और मानक प्रक्रिया का गंभीर उल्लंघन हो रहा है। इस प्रवृत्ति के घातक परिणाम/दुर्घटनाएं हो सकती हैं। इसकी वजह से वायुकर्मियों और यात्रियों के जान को खतरा हो सकता है।”

पत्र में कहा गया है कि बीएसएफ एयर विंग के पास एक भी इन्फ्रा रेड (आईआर) फ्लेयर नहीं जिससे किसी मिसाइल से होने वाले हमले को रोका जाता है। पत्र में विंग कमांडर दक्ष ने लिखा है, “बीएसएफ एयर विंग के पास एक भी आईआर फ्लेयर नहीं है और इसके बिना ही हेलीकॉप्टर अक्सर उड़ान भरते हैं, तब भी जब वीआईपी यात्रा कर रहे होते हैं।” आईआर फ्लेयर का प्रयोग मिसाइलों से बचाव के लिए किया जाता है। हालांकि विंग कमांडर ने इस चिंता के साथ ही साफ किया है कि ऐसे जोखिम युद्ध की स्थिति  में ही ज्यादा रहते हैं। इस बात की कम आशंका है कि देश के अंदर उड़ान भरते समय कोई मिसाइल से गृह मंत्री के हेलीकॉप्टर को निशाना बनाने की कोशिश करेगा। विंग कमांडर दक्ष ने आगे लिखा है, “…लेकिन हाँ, कश्मीर में उड़ान भरते समय ये एतहियात जरूरी है। हालांकि इसमें काफी खर्च होता है और हमारे पास धन और संसाधन सिमित हैं।”

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