ताज़ा खबर
 

शून्य बिजली का बिल क्या जीतेगा मतदाताओं का दिल?

केजरीवाल ने इस चुनाव से ठीक पहले 201 से 400 यूनिट तक के बिजली बिलों पर 50 फीसद तक सबसिडी देने की घोषणा कर एक नया चुनावी दांव चला, जो कारगर होता दिख रहा है।

Author Published on: January 16, 2020 5:58 AM
Delhi Elections 2020: दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल, फोटो सोर्स – indian Express

अजय पांडेय

दिल्ली की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की ओर से दी जा रही बिजली-पानी की सबसिडी दिल्ली विधानसभा के चुनाव में असरदार साबित हो सकती है। पिछले विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 200 यूनिट तक बिजली और 20 हजार लीटर पानी प्रतिमाह मुफ्त देने का वायदा कर चुनावी जंग में जीत का रिकार्ड कायम किया था। केजरीवाल ने इस चुनाव से ठीक पहले 201 से 400 यूनिट तक के बिजली बिलों पर 50 फीसद तक सबसिडी देने की घोषणा कर एक नया चुनावी दांव चला, जो कारगर होता दिख रहा है। राजधानी में बड़ी संख्या में लोगों को बिजली बिल शून्य आए हैं और इसको लेकर संबंधित लोगों में उत्साह भी देखा जा रहा है।

बदरपुर इलाके में रहने वाले टीएन मिश्र किराना दुकानदार हैं। इस बार उनका बिजली बिल शून्य आया। वे बताते हैं कि उनके इलाके में और भी ऐसे बहुत लोग हैं जिनके बिल शून्य आए हैं। इसी प्रकार उत्तम नगर के ककरौला इलाके में रहने वाली सोनी बताती हैं कि उनका बिजली बिल भी शून्य आया है। उनका कहना है कि पड़ोसी महिलाओं से बातचीत के आधार पर वह कह सकती हैं कि उनकी कॉलोनी में बड़ी संख्या में लोगों के बिजली के बिल शून्य आए हैं या बहुत कम आए हैं। इसी प्रकार पानी का बिल आता ही नहीं है। ये लोग खुलकर तो नहीं कहते कि आगामी चुनाव में वे वोट किसको देंगे लेकिन बिजली-पानी सबसिडी का असर इनकी बातचीत में झलकता है।

भाजपा नेता भी सबसिडी को चुनाव से जोड़कर देख रहे हैं लेकिन इलेक्ट्रोनिक मीडिया में फोटो संपादन के काम से जुड़े सत्येंद्र कहते हैं कि इसी दिल्ली में बड़ी-बड़ी कोठियों में रहने वाले नेताओं को सबकुछ सस्ता मिल रहा है तो कोई बात नहीं और अगर जनता को बिजली-पानी सस्ती दरों पर मिल रही है तो किसी को क्यों एतराज होना चाहिए। उनकी एक दलील यह भी है कि अगर जनता को दी जा रही सबसिडी का पैसा सरकार बचा भी लेती है तो इस बात की क्या गारंटी है कि वह पैसा दिल्ली के विकास में ही खर्च होगा।

बिजली सबसिडी पर एक नजर
सूत्रों का कहना है कि दिल्ली सरकार द्वारा दी गई बिजली सबसिडी पर नजर डालें तो 200 यूनिट तक बिजली खपत पर तो कोई बिल देना ही नहीं है जबकि पहले उनको इतनी बिजली खर्च पड़ने पर 622 रुपए देने पड़ते थे। इसी प्रकार 250 यूनिट तक के लिए पहले करीब 800 रुपए देने पड़ते थे और अब महज 252 रुपए देने पड़ रहे हैं। 300 यूनिट तक के लिए पहले 971 रुपए देने पड़ते थे, उन्हें अब 526 रुपए देने पड़ रहे हैं। इसी तरह 400 यूनिट तक के लिए पहले 1320 रुपए देने पड़ते थे, अब संबंधित उपभोक्ताओं को 1075 रुपए देने पड़ेंगे। दिल्ली सरकार बिजली की इस सबसिडी पर करीब 1800 से 2000 करोड़ रुपए खर्च कर रही है और एक अनुमान के अनुसार लाखों की संख्या में उपभोक्ताओं को लाभ होने की उम्मीद है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 भाजपा के फ्रेम में फिट नहीं हुए बड़े कांग्रेसी चेहरे
2 2012 गैंगरेप केस: दोषियों की फांसी की सजा पर दिल्ली सरकार ने कर दिया तिकड़म! कोर्ट ने की तीखी टिप्पणी
3 VIDEO: NRC, CAA के विरोध में अचानक सीएम के काफिले के सामने आए AASU कार्यकर्ता, काबू करने में ऐसे छूट गए पुलिस के पसीने
ये पढ़ा क्‍या!
X