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क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करने पर नहीं लगेगा दो बार जीएसटी, हसमुख अधिया ने लगाया अफवाहों पर विराम

हसमुख अधिया ने कहा कि ऐसे मैसेज सोशल मीडिया में डालने से पहले उसकी असलियत जरूर जांच लें।
जीएसटी से पहले भी क्रेडिट कार्ड से यूटिलिटी बिल का भुगतान करने पर सर्विस टैक्स नहीं लगाया जाता था।

एक जुलाई 2017 से देश में जीएसटी (Goods and Services Tax) लागू हो गया है। हालांकि इसके नियमों को लेकर अभी भी कई लोगों में गलतफहमी मौजूद है। राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने गुड्स एंड सर्विस टैक्स की जटिलताओं को दूर करते हुए व्यापारियों में टैक्स से जुड़ी भ्रांतियां खत्म करने की कोशिश की। उन्होंने ट्वीट करते हुए व्यापार करने वालों और ग्राहकों को जीएसटी से जुड़े सवाल का जवाब दिया। हसमुख अधिया ने ट्वीट किया कि सोशल मीडिया में गलत मैसेज चलाया जा रहा है कि अगर आप यूटिलिटीज का पेमेंट क्रेडिट कार्ड से करते हैं तो आपको दो बार जीएसटी देना होगा। इस पर अधिया ने कहा कि यह पूरी तरह से गलत मैसेज है। उन्होंने कहा कि ऐसे मैसेज सोशल मीडिया में डालने से पहले उसकी असलियत जरूर जांच लें।

यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि जीएसटी से पहले भी क्रेडिट कार्ड से यूटिलिटी बिल का भुगतान करने पर सर्विस टैक्स नहीं लगाया जाता था। मर्चेंट के केस में यूटिलिटी सर्विस प्रोवाइडर क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड देने वाले बैंक को एक मामूली राशि देता था जिसे मर्चेंट डिस्काउंट रेट कहते हैं। सर्विस टैक्स केवल मर्चेंट डिस्काउंट रेट पर लगाया गया था जिसे यूटिलिटी सर्विस प्रोवाइडर ही वहन करता था। ज्यादातर मामलों में सर्विस प्रोवाइडर क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड से पेमेंट लेने के लिए अलग से किसी अमाउंट की डिमांड नहीं करते थे।

यहां तक कि कुछ यूटिलिटी सर्विस प्रोवाइडर तो क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड से पेमेंट करने पर डिस्काउंट भी देते हैं। जीसटी आने के बाद बैंकिंग और फाइनैंसल सर्विसेज 18 फीसदी के टैक्स स्लैब में आ गए हैं। पहले इन पर 15 फीसदी सर्विस टैक्स लगता था। इसके जीएसटी में आने के बाद भी होम, ऑटो और पर्सनल लोन की ईएमआई पर कोई असर नहीं पड़ा है। हां लेकिन नए लोन के लिए एक बार दी जाने वाली प्रोसेसिंग फीस और प्रीपेमेंट चार्ज थोड़े बढ़ गए हैं।

क्या है जीएसटी: जीएसटी का मतलब गुड्स एंड सर्विस टैक्स (वस्तु एवं सेवा कर) होता है। नरेंद्र मोदी सरकार जीएसटी को देश का सबसे बड़ा कर सुधार बता रही है। सभी तरह के अप्रत्यक्ष करों को खत्म करते हुए एक राष्ट्र एक कर की परिकल्पना पर इसे लागू किया गया है। जम्मू-कश्मीर को छोड़कर सभी राज्यों में लागू हो चुके इस टैक्स से सर्विस टैक्स, सेल्स टैक्स, वैट, एक्साइज ड्यूटी जैसे अप्रत्यक्ष कर की जगह अकेला जीएसटी लगेगा।

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