पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी और उनकी पार्टी की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। अब खबर ये है कि टीएमसी से निकाले गए विधायक ऋतब्रत बनर्जी एक पत्र लेकर पश्चिम बंगाल विधानसभा पहुंचे हैं। उनका दावा है कि इस पत्र के जरिए वह स्पीकर को साबित करेंगे कि टीएमसी के बड़ी संख्या में विधायक उनके साथ हैं।
सूत्रों ने बताया कि टीएमसी का बागी गुट 59 विधायकों को अपने पाले में लाने की कोशिश कर रहा है। यह आंकड़ा टीएमसी के कुल 80 विधायकों का लगभग तीन-चौथाई है। ऋतब्रत बनर्जी के साथ टीएमसी से निकाले गए संदीपन साहा से जब पूछा गया कि कितने विधायक उनके साथ हैं, तो उन्होंने कहा, “दो-तिहाई से ज्यादा।”
सोवनदेब चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता मानने के लिए तैयार नहीं बागी गुट
सूत्रों ने बताया कि बागी विधायक सोवनदेब चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता मानने के लिए तैयार नहीं है। सोवनदेब चट्टोपाध्याय टीमसी के सीनियर नेता है, उन्हें ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष का नेता चुना है।
आपको बता दें कि पिछले कुछ हफ्तों से टीएमसी के कुछ विधायक पार्टी की बैठकों से नदारद रहे हैं। इनमें से ज्यादातर विधायक पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी चीफ ममता बनर्जी के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शन में भी शामिल नहीं हुए थे।
टीएमसी के कुछ नेताओं ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि बागी गुट टीएमसी के विधायकों की कुल संख्या के दो-तिहाई से ज्यादा सदस्यों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रहा है, ताकि BJP में शामिल होने पर उन पर दलबदल विरोधी कानून लागू न हो।
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बंगाल चुनाव में करारी शिकस्त के बाद मंथन करने के लिए टीएमसी ने तीन बार बैठक बुलाई। इन बैठकों में एक खास पैटर्न दिखाई दिया। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।
