भारत मौसम विज्ञान विभाग ने शुक्रवार को सर्दियों के आखिरी महीने में ठंडे और अधिक बारिश वाले दिनों का अनुमान जताते हुए कहा कि बारिश और बर्फबारी की गतिविधियां फरवरी की शुरुआत तक जारी रहेंगी। मौजूदा पश्चिमी विक्षोभ के अलावा, एक और नया पश्चिमी विक्षोभ दो फरवरी से उत्तर भारत को प्रभावित करेगा। विभाग ने कहा कि आने वाले पश्चिमी विक्षोभ के असर से शनिवार और रविवार को जम्मू-कश्मीर व लद्दाख में गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं के साथ बारिश और बर्फबारी होगी।

इसी तरह का खराब मौसम रविवार को दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा व चंडीगढ़ और दो फरवरी को उत्तराखंड में रहेगा। 31 जनवरी से तीन फरवरी के दौरान राजस्थान में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने का अनुमान है।

मौसम विभाग के बारिश के आंकड़ों से पता चला है कि इस मौसम में उत्तर-पश्चिम और उत्तर भारत में खास तौर पर सूखा रहा है, जबकि आमतौर पर इन इलाकों में ठंड की लहर से लेकर ‘गंभीर’ शीत लहर चलती है, और ऊंचे इलाकों में बर्फबारी भी होती है। जनवरी में सूखे का मुख्य कारण कमजोर पश्चिमी विक्षोभ और दक्षिण में महासागरों से नमी की कमी थी। विभाग ने शुक्रवार को बताया कि उत्तर-पश्चिम भारत में हफ्ते भर में (28 जनवरी तक) 28.8 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई। इस साल जनवरी का महीना थोड़ा अलग था।

महीने पहले तीन सप्ताह तक उत्तर भारत और आस-पास के इलाकों में बर्फबारी और बारिश नहीं हुई। लेकिन पिछले सप्ताह में हुई बारिश और बर्फबारी ने जनवरी में पूरे भारत में बारिश की स्थिति बेहतर हुई, जो पहले तीन सप्ताह तक सामान्य से कम थी। इस मौसम में पहली बार 22 से 28 जनवरी के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत में दो बड़े बारिश के दौर आए। मौसम विभाग ने कहा कि पूरे भारत में बारिश अपने ‘लंबी अवधि औसत’ (एलपीए) के मुकाबले 113 फीसद रही। जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भारी बर्फबारी हुई, जबकि राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में मध्यम तीव्रता की बारिश हुई। जैसे-जैसे सर्दियों का आधा मौसम खत्म होने वाला है, पिछले हफ्ते ही उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी इलाकों में ठंडा और गीला मौसम रहा।

वहीं, पंजाब-हरियाणा व चंडीगढ़ में ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग ने शुक्रवार रात से पूरे राज्य में शीतलहर और घने कोहरे की नारंगी चेतावनी जारी की है। इसके चलते 31 जनवरी से चार दिन बिजली चमकेगी और कई क्षेत्रों में बारिश होगी। हिमाचल प्रदेश में बीते एक सप्ताह के दौरान भारी बारिश-बर्फबारी के बाद शुक्रवार को ज्यादातर भागों में अच्छी धूप खिली। हालांकि, ऊंचे क्षेत्रों में कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। लाहौल स्पीति के ताबो का न्यूनतम तापमान हिमांक बिंदू से 10.2 डिग्री नीचे और कुकुमसैरी में 9.2 डिग्री नीचे तक लुढ़क गया है। मशहूर पर्यटन स्थल मनाली में भी तापमान माइनस में है। मौसम विभाग ने आने वाले चार दिनों के दौरान ठंड और बढ़ने की चेतावनी जारी की है।

हिमाचल में शुक्रवार से नया पश्चिमी विक्षोभ बनने से तीन फरवरी तक पहाड़ों पर फिर से बारिश-बर्फबारी के आसार है। इस दिन सभी 12 जिलों में आंधी-तूफान की भी चेतावनी जारी की गई है। भीषण सर्दी के दौर ‘चिल्ला-ए-कलां’ की शुक्रवार को हुई समाप्ति के बीच कश्मीर घाटी के अधिकतर हिस्सों में रात के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। श्रीनगर सहित कई इलाकों में न्यूनतम तापमान जमाव बिंदु से ऊपर दर्ज किया गया, जिससे इस अवधि की कड़ाके की ठंड से कुछ राहत मिली। मौसम विभाग के अधिकारियों के अनुसार श्रीनगर शहर में न्यूनतम तापमान 1.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछली रात के शून्य से नीचे 0.6 डिग्री सेल्सियस से अधिक और सामान्य से 2.2 डिग्री सेल्सियस अधिक है।