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सोनिया गांधी ही बनी रहेंगी कांग्रेस की अध्यक्ष? गुलाम नबी और सचिन पायलट को मिल सकता है अहम पद

2024 के आम चुनावों को ध्यान में रखते हुए, देश की सबसे पुरानी पार्टी, एक बड़े फेरबदल की योजना बना रही है। जिसमें युवा कांग्रेस नेताओं और गांधी परिवार के वफादारों को पार्टी संगठन के भीतर महत्वपूर्ण भूमिका मिलेगी।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी अपने पद पर बने रह सकती हैं। (एक्सप्रेस फोटो)।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के 2024 के लोकसभा चुनाव तक अपने पद पर बने रहने की उम्मीद है और उम्मीद जताई जा रही है कि पार्टी के युवा चेहरों को प्रमुख पदों पर नियुक्त किया जा सकता है। सूत्रों ने बताया है कि राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में नियुक्त होने की संभावना नहीं है, लेकिन शीर्ष स्तर पर फैसलों में उनका हस्तक्षेप जारी रहेगा।

2024 के आम चुनावों को ध्यान में रखते हुए, देश की सबसे पुरानी पार्टी, एक बड़े फेरबदल की योजना बना रही है। जिसमें युवा कांग्रेस नेताओं और गांधी परिवार के वफादारों को पार्टी संगठन के भीतर महत्वपूर्ण भूमिका मिलेगी। सूत्रों ने यह भी कहा कि पार्टी से चार कार्यकारी अध्यक्षों की नियुक्ति की उम्मीद है जो महत्वपूर्ण निर्णय लेने में सोनिया गांधी और राहुल गांधी की मदद करेंगे। कांग्रेस में कार्यकारी अध्यक्ष पद के लिए गुलाम नबी आजाद, सचिन पायलट, कुमारी शैलजा, मुकुल वासनिक और रमेश चेन्नीथला सबसे आगे चल रहे हैं।

हालांकि, प्रियंका गांधी वाड्रा की नई भूमिका के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। वर्तमान में, कांग्रेस महासचिव उत्तर प्रदेश में पार्टी की प्रभारी हैं, जहां अगले साल चुनाव होने हैं। सोनिया गांधी को कांग्रेस के अंतरिम अध्यक्ष के रूप में पदभार संभाले दो साल से अधिक समय हो गया है और तब से कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव टाल रही है। इससे पहले, खबरें आ रही थीं कि राहुल गांधी पार्टी में शीर्ष पद संभालने के लिए सहमत होंगे।

हालांकि, इस साल मई में, कांग्रेस ने देश में COVID स्थिति का हवाला देते हुए पार्टी अध्यक्ष के चुनाव को टाल दिया था। सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी पार्टी संगठन को पूरी तरह से बदलना चाहते हैं।

2019 के लोकसभा चुनावों में पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद जब से राहुल ने कांग्रेस अध्यक्ष का पद छोड़ा है, तब से पूर्णकालिक पार्टी प्रमुख की मांग उठ रही है। कांग्रेस राजस्थान, पंजाब, छत्तीसगढ़, केरल और कर्नाटक में पार्टी के नेताओं के बीच टकराव का सामना कर रही है।

पंजाब में अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच और राजस्थान में अशोक गहलोत-सचिन पायलट के झगड़े ने कांग्रेस की छवि को धूमिल किया है। पार्टी अपने गुटों को एक साथ रखने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है।

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