Punjab News: सफेद कुर्ता-पजामा पहने शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने गुरुवार शाम पटियाला के खालसा कॉलेज में पार्टी के यूथ आउटरीच प्रोग्राम ‘वाइब पंजाब दी’ की शुरुआत करते हुए युवाओं से जुड़ने की कोशिश की।
इस इवेंट से पहले शहर भर में बादल की तस्वीरों और प्रोग्राम की ब्रांडिंग वाले बैनर लगाए गए थे। इवेंट में राजनीतिक सवालों के साथ-साथ युवाओं के साथ हल्की-फुल्की बातचीत भी हुई। जब 18 से 25 साल के छात्रों के एक ग्रुप ने बादल से उनके पसंदीदा गाने के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा, “मेरे पास गाने सुनने का समय नहीं है।”
वाइब तेरी मेरी मिलदी आ गाना बैकग्राउंड में बजा
कुछ ही देर बाद, दिलजीत दोसांझ का गाना ‘वाइब तेरी मेरी मिलदी आ’ बैकग्राउंड में बजने लगा, जिससे बादल मुस्कुरा उठे और युवाओं के साथ सेल्फी लेने के लिए पोज देने लगे। शिअद प्रमुख दिन में पहले चंडीगढ़ में घर-घर जाकर प्रचार अभियान के पर्चे बांटने के बाद पटियाला पहुंचे।
हालांकि, उनके कई जवाब राजनीतिक थे, लेकिन छात्रों ने राजनीति से परे उनके बारे में भी जानना चाहा, जैसे उनका पसंदीदा खाना, छात्र जीवन, बेटियों के साथ उनके रिश्ते और टेक्नोलॉजी व खेती पर उनकी राय क्या है। खेती में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल के बारे में साबिर सिंह के एक सवाल का जवाब देते हुए बादल ने कहा कि पंजाब को खेती और इंडस्ट्री पर ध्यान देने और गेहूं-धान के चक्र से बाहर निकलने की जरूरत है।
उन्होंने बताया कि वे अपने गांव बादल में ग्रो बैग में बिना मिट्टी की खेती का प्रयोग कर रहे हैं। उनके अनुसार, वे तकनीक का उपयोग करके स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी, चेरी टमाटर और लाल व पीले शिमला मिर्च उगा रहे हैं। उन्होंने कहा, “सब कुछ तकनीक से कंट्रोल होता है। कंप्यूटर में यह जानकारी डाली जाती है कि पौधों को क्या देना है, और खेती उसी के अनुसार होती है।”
बादल ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि वह जल्द ही इस सिस्टम का प्रदर्शन करेंगे और यह भी कहा कि अगर शिअद सत्ता में वापस आती है तो उनकी पार्टी इस तरह की तकनीक-आधारित खेती को अपनाने वाले किसानों को 80 प्रतिशत सब्सिडी देगी।
राज्य कर्जमुक्त कैसे हो सकता है?
पंजाब के कर्ज के मुद्दे पर, छात्रा हरनीत कौर ने लगभग 45 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े का हवाला देते हुए पूछा कि राज्य कर्जमुक्त कैसे हो सकता है। बादल ने कहा कि अच्छे और बुरे कर्ज दो तरह के होते हैं। इनमें से अच्छे कर्ज का उपयोग विकास और आय सृजन के लिए किया जाता है, जबकि बुरे कर्ज का उपयोग दैनिक खर्चों को पूरा करने के लिए किया जाता है, उनकी सरकार बुरे कर्ज से बचने का प्रयास करेगी।
बातचीत तब हल्के-फुल्के अंदाज में भी हुई जब फूड ब्लॉगर नवी आनंद ने बादल से उनके पसंदीदा खाने के बारे में पूछा। बादल ने कहा कि वह शाकाहारी हैं और उन्हें पिज्जा और पास्ता पसंद है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें ‘मां दी दाल’ और डाइट कोक पसंद है। बादल ने हंसते हुए कहा, “मैं अपनी छोटी बेटियों के साथ तालमेल बिठाने की कोशिश कर रहा हूं। मैं एक कूल पेरेंट हूं, जबकि मेरी पत्नी बच्चों के साथ बहुत सख्त है।”
उन्होंने पुरानी यादों को ताजा करते हुए बताया कि कैसे वे अपने पिता प्रकाश सिंह बादल के साथ बिताए कुछ महत्वपूर्ण वर्षों से वंचित रह गए। उन्होंने कहा, “बादल साहब ने अपना जीवन जनता की सेवा में समर्पित कर दिया था। उन्हें यह भी नहीं पता था कि मैं किस स्कूल में पढ़ रहा हूं और एक बार… वे प्रधानाचार्य के पास गए और मुझे मेरे निकनेम ‘लाली’ से पुकारा।”
भगवंत मान ने पंजाब को पीछे धकेल दिया- बादल
खुद को ‘विकासवादी’ बताते हुए बादल ने युवाओं से ऐसे मुख्यमंत्री को चुनने का आग्रह किया जो पंजाब को आगे ले जा सके। उन्होंने कहा, “मैं पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का एक वरिष्ठ नेता के रूप में सम्मान करता हूं, लेकिन मुख्यमंत्री रहते हुए वे शायद ही कभी लोगों से बातचीत करने के लिए बाहर आते थे, जबकि वर्तमान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब को पीछे धकेल दिया है।”
शिअद सदस्यों के अनुसार, लगभग 4000 सवाल पर्चियां एक डिब्बे में डाली गईं और पर्ची निकालकर सवाल चुने गए। मंच पर लगभग 10 प्रश्नों के उत्तर दिए गए। संवाद का समापन करते हुए बादल ने कहा कि अगर शिअद सत्ता में वापस आती है, तो सरकारी नौकरियां केवल पंजाबियों को ही दी जाएंगी और उद्योगों में 75 प्रतिशत नौकरियां पंजाबियों को ही मिलनी चाहिए। शिअद की यूथ विंग ने कहा कि आने वाले दिनों में पंजाब के अन्य शहरों में भी इसी तरह के ‘वाइब पंजाब दी’ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
शिअद घर-घर जाकर प्रचार अभियान शुरू करेगी
शिअद ने गुरुवार को आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए एक जोरदार कार्यक्रम का ऐलान किया। वह 6 अक्टूबर से सभी विधानसभा क्षेत्रों में घर-घर जाकर प्रचार करने पर केंद्रित होगा। पार्टी ने एक बयान में कहा कि इस घर-घर प्रचार अभियान की शुरुआत बादल करेंगे और इसकी शुरुआत अमृतसर के अटारी से होगी।
पार्टी ने कहा कि शिअद का चुनावी घोषणापत्र तैयार करने के लिए सुझाव लेने के मकसद से सभी विधानसभा क्षेत्रों में एक साथ यह अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा, पार्टी ने कहा कि बादल के नेतृत्व में पूरे राज्य में एक बस यात्रा भी 10 नवंबर को तलवंडी साबो से शुरू होगी।
बठिंडा की सांसद हरसिमरत कौर बादल 5 अक्टूबर को श्री मुक्तसर साहिब से महिलाओं के नशा-विरोधी आंदोलन के दूसरे चरण की शुरुआत करेंगी। पार्टी ने कहा कि प्रकाश सिंह बादल के जन्मदिन पर 8 दिसंबर को मोगा के ऐतिहासिक किल्ली चाहलान गांव में एक जनसभा भी आयोजित करने की योजना है।
पार्टी नेता दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि ये फैसले सुखबीर बादल की अध्यक्षता में पार्टी के ‘हल्का इंचार्ज’ और पर्यवेक्षकों की बैठक के बाद लिए गए। उन्होंने कहा, “इससे पहले, घोषणापत्र समिति ने पार्टी के अनुसूचित जाति और पिछड़ी जाति विंग के साथ बैठकें की हैं और किसानों, व्यापारियों, युवाओं और सरकारी कर्मचारियों से मिलकर इस प्रक्रिया को जारी रखेगी।” उन्होंने कहा कि यह अभियान 25 अक्टूबर तक पूरा हो जाएगा। उन्होंने वकीलों की दस सदस्यीय समिति बनाने की भी घोषणा की।
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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने आनंदपुर साहिब विधानसभा में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि सुखबीर बादल के पिता ने उन्हें सीएम नहीं बनाया तो प्रदेश की जनता उन्हें मुख्यमंत्री क्यों बनाए? यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…
