पश्चिम एशिया में मौजूदा स्थिति के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को देश के नागरिकों से तेल, गैस आदि कम खर्च करने की सलाह दी। साथ ही सोने की खरीदारी से बचने और कोराना काल की तरह वर्क फ्रॉम होम से काम करने की सलाह थी। चूंकि मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं, जिससे दुनिया भर में मंहगाई का संकट मंडरा रहा है।
हैदराबाद में भाजपा की जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत को विदेशी मुद्रा भंडार बचाना चाहिए और ईंधन की खपत को कम करनी चाहिए क्योंकि मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर भारी दबाव है।
ट्रंप के फैसले से बढ़ी कच्चे तेल की कीमतें
प्रधानमंत्री की यह अपील ऐसे समय में आई है जब अमेरिका के राष्ट्रपति ने ईरान डोनाल्ड ट्रंप ने प्रस्ताव को ठुकरा दिया। इससे कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर 105 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई हैं। ईरान ने अपने संवर्धित यूरेनियम का एक हिस्सा किसी अन्य देश को देने का प्रस्ताव रखा है और अपने परमाणु संयंत्रों को नष्ट करने से इनकार कर दिया, जो अमेरिका की प्रमुख मांग थी।
भारत अपने जरूरतों का 88 प्रतिशत कच्चा तेल दूसरों देशों से आयात करता है, ऐसे में मिडिल ईस्ट की संकट से भारत बुरी तरह प्रभावित हुआ।
पीएम मोदी ने दी लोगों को कई सलाह
प्रधानमंत्री ने कहा, कोरोना के दौरान हमने वर्क फ्रॉम होम, वर्चुअल मीटिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसे कई अन्य तरीके अपनाए, इस समय हमें इनकी फिर से जरूरत है। आगे उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि संभव हो तो वे मेट्रो रेल से, का पूलिंग और इलेक्ट्रिक व्हीकल का इस्तेमाल कर पेट्रोल और डीजल कम से कम उपयोग करें। आगे ईंधन की अधिक खपत करने वाले सड़क परिवहन पर निर्भरता कम करने के लिए माल परिवहन को रेल सेवा से भेजने की सलाह दी।
साथ ही पीएम मोदी ने लोगों से कम से कम एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की। उन्होंने कहा कि वैश्विक संकट के दौरान सोने का आयात भारत के विदेश मुद्रा भंडार पर अतिरिक्त बोझ डालता है।
आगे पीएम ने कहा, “सोने की खरीद में विदेशी मुद्रा का इस्तेमाल होता है, ऐसे में राष्ट्रीय हित में हमें एक वर्ष के लिए सोने की खरीन न करने का संकल्प लेना चाहिए।”
भारत दुनिया के सबसे बड़े सोने के आयातकों में से एक हैं और शादियों के सीजन के दौरान यह आयात तेजी से बढ़ जाती है। भारत सोने के अधिकांश हिस्सा आयात करता है, इसलिए देश का आयात बिल भी बढ़ जाता है।
क्यों दी सोना न खरीदने की सलाह?
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच मौजूदा संघर्ष ने दुनिया भर में सोने की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। आमतौर पर जब ऐसे संकट आते हैं तो सोने में निवेश को सबसे सुरक्षित माना जाता है। हालांकि मौजूदा संघर्ष ने स्थिति को और कठिन कर दिया है क्योंकि कच्चे तेल की कीमतें भी दुनिया भर में बढ़ी हैं, और ये मुद्रास्फीति और उच्च ब्याज दरों की आशंकाओं को भी बढ़ा रही हैं। तेल की कीमतें विश्व स्तर पर मुद्रास्फीति के जोखिम को बढ़ाती हैं। इस कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व जैसे केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लंबे समय तक बढ़ाए रखने के लिए बाध्य हैं।
इसके फलस्वरूप सोने पर भी बुरा असर पड़ता है क्योंकि सोना ब्याज नहीं देता। जब ब्याज दरें हाई रहती हैं तो निवेशक अक्सर सोने की तुलना में बॉन्ड और निश्चित आय वाले निवेश जैसे ब्याज की संपत्तियों को प्राथमिकता देते हैं। इस कारण युद्ध से पनपे अनिश्चितता के बावजूद कच्चे तेल की कीमत में उछाल और अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से सोमवार को हाजिर सोने की कीमतों में गिरावट आए हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि सोना मौजूदा स्थिति में दो बिंदुओं पर ध्यान खींच रह हैं- पहला भू-राजनीतिक तनाव और मिडिल ईस्ट में बड़ी जंग की आशंका के मद्देनजर सोने में निवेश की मांग बढ़ रही है।
हालांकि तेल की ऊंची कीमत, मुद्रास्फीति की चिंता और लंबे समय तक उच्च ब्याज दरों की आशंकाएं फायदे को सीमित कर रही है और समय-समय पर गिरावट का कारण बन रही हैं।
सोने की बढ़ी कीमतें अतिरिक्त आर्थिक बोझ पैदा करती हैं
भारत के लिए वैश्विक स्तर पर सोने की बढ़ी कीमतें अतिरिक्त आर्थिक बोझ पैदा करती हैं, क्योंकि देश अपने अधिकांश सोने का आयात विदेश मुद्रा में करता है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के दौरान आयात में बढ़ोतरी से व्यापार घाटा बढ़ता और भारत के विदेश मुद्रा भंडार और रुपये (भारतीय करेंसी) पर दबाव बढ़ता है।
वैश्विक संकट के कारण ही पीएम मोदी ने लोगों से एक साल तक सोना न खरीदने और गैर-जरूरी आयात कम करने का आग्रह करने के प्रमुख कारणों में से एक यही है।
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राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेट्रोल-डीजल कम इस्तेमाल करने, सोना ना खरीदने वाली अपील पर निशाना साधा है। सोशल मीडिया (X) पर पोस्ट करते हुए कांग्रेस नेता ने लिखा कि प्रधानमंत्री लोगों से सोना न खरीदने, विदेश यात्रा कम करने, पेट्रोल कम इस्तेमाल करने, खाद और खाने के तेल की खपत घटाने, मेट्रो से सफर करने और घर से काम करने जैसी सलाह दे रहे हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
