राहुल गांधी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि हालिया भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता का मकसद व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करना नहीं बल्कि उद्योगपति गौतम अडानी को राहत दिलाना था। वहीं कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि अब यह साफ हो गया है कि ऑपरेशन सिंदूर को राष्ट्रीय हित के बजाय ट्रंप के दबाव में रोका गया।

राहुल गांधी ने अपने X अकाउंट पर लिखा, ”Compromised PM ने trade deal नहीं, अडानी की रिहाई का सौदा किया।”

राहुल गांधी की यह टिप्पणी उन खबरों के बाद आई है जिनमें दावा किया गया कि अमेरिका की एजेंसियों ने कथित रिश्वतखोरी मामले में गौतम अडानी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को वापस लेने पर सहमति जताई है। कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार बड़े उद्योगपतियों को बचाने में लगी हुई है जबकि आम जनता महंगाई और बेरोजगारी जैसी समस्याओं से जूझ रही है।

बता दें कि विपक्ष लगातार सरकार और अडानी समूह के संबंधों को लेकर सवाल उठाता रहा है और इसे लेकर संसद से लेकर सड़क तक राजनीतिक बयानबाजी जारी है।

जयराम रमेश का दावा

इससे पहले कांग्रेस ने दावा किया था कि अब यह साफ हो गया है कि पीएम मोदी ने कथित तौर पर ‘एकतरफा’ भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को क्यों स्वीकार किया और अचानक ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को क्यों रोक दिया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार के फैसलों के पीछे राष्ट्रीय हित नहीं बल्कि चुनिंदा उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने की मंशा थी।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने केंद्र सरकार और पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि अब यह स्पष्ट हो गया है कि प्रधानमंत्री ने भारत-अमेरिका के बीच उस ‘बेहद निराशाजनक और एकतरफा’ ट्रेड डील को क्यों स्वीकार किया जो कथित तौर पर पूरी तरह अमेरिका के पक्ष में थी। उन्होंने आरोप लगाया कि 10 मई 2025 को राष्ट्रपति ट्रंप के दबाव में राष्ट्रीय हितों से समझौता करते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अचानक रोक दिया गया।

जयराम रमेश ने दावा किया कि रिपोर्ट्स के अनुसार ट्रंप प्रशासन अब उद्योगपति गौतम अडानी के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े सभी आरोप वापस लेने की तैयारी में है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, ”प्रधानमंत्री आखिर और कितना समझौता करेंगे?”