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दुगिन क्यों कहे जाते हैं पुतिन का ‘दिमाग’

रूस में दुगिन को एक राजनीतिक दार्शनिक, विश्लेषक और रणनीतिकार के रूप में जाना जाता है।

दुगिन क्यों कहे जाते हैं पुतिन का ‘दिमाग’

रूस में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का दिमाग कहे जाने वाले अलेक्जेंडर दुगिन की बेटी की हत्या हुई है। हमलावरों ने दुगिन की बेटी दारिया को एक कार बम विस्फोट में मार डाला। कहा जा रहा है कि इस हमले का निशाना अलेक्जेंडर दुगिन थे। गलती से उनकी बेटी बम लगे कार में सवार हो गई और धमाके में मारी गई। इस घटना के बाद से रूस बौखलाया हुआ है। अलेक्जेंडर दुगिन का पूरा नाम अलेक्सांद्र गेलीविच दुगिन है।

रूस में उन्हें एक राजनीतिक दार्शनिक, विश्लेषक और रणनीतिकार के रूप में जाना जाता है। पश्चिमी देशों का आरोप है कि दुगिन फासीवादी विचारधारा के कट्टर समर्थक हैं। दुगिन को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के दार्शनिक के रूप में माना जाता है। दुगिन ने ही यूक्रेन को विशुद्ध रूप से रूसी केंद्रीकृत राज्य का प्रशासनिक क्षेत्र कहकर संबोधित किया था। उन्होंने यूक्रेन को नोवोरोसिया (नया रूस) का नाम भी दिया है।

दुगिन ने ‘अटलांटिसिज्म’ को चुनौती देने के लिए डबलिन से व्लादिवोस्तोक तक अधिनायकवादी रूसी साम्राज्य की परिकल्पना पेश की थी। ‘अटलांटिसिज्म’ अमेरिका के नेतृत्व वाले नाटो देशों के संदर्भ में इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने यूक्रेन युद्ध की रूपरेखा तैयार की। अलेक्जेंडर दुगिन का जन्म मास्को में सोवियत सैन्य खुफिया में एक कर्नल-जनरल गेली अलेक्जेंड्रोविच दुगिन के घर हुआ था।

उनकी मां गैलिना एक चिकित्सक थीं। जब वह तीन साल के थे, तब उनके पिता ने परिवार छोड़ दिया, लेकिन यह सुनिश्चित किया कि उनका जीवन स्तर अच्छा हो। उन्होंने कई मौकों पर अपनी पहुंच का इस्तेमाल कर परेशानी से बाहर निकलने में अलेक्जेंडर दुगिन की मदद भी की थी। वर्ष 1983 में अलेक्जेंडर दुगिन के व्यवहार के कारण उनके पिता को सीमा शुल्क सेवा में ट्रांसफर कर दिया गया था।

1979 में अलेक्जेंडर ने मास्को एविएशन इंस्टीट्यूट में प्रवेश किया, लेकिन उन्हें निष्कासित कर दिया गया। बाद में उन्होंने एक स्ट्रीट क्लीनर के रूप में काम करना शुरू किया और लेनिन लाइब्रेरी तक पहुंचने और पढ़ाई जारी रखने के लिए रीडर के जाली कार्ड का इस्तेमाल किया। हालांकि, यह दावा भी किया जाता है कि उन्होंने इसके बजाय रूसी खुफिया एजंसी केजीबी के लिए काम करना शुरू कर दिया था।

डुगिन की पहली पत्नी एक रूसी कार्यकर्ता एवगेनिया डेब्रियनस्काया थी। उनका एक बेटा है जिसका नाम उन्होंने आर्थर रखा। 1980 के दशक में डुगिन एक असंतुष्ट और और कम्युनिस्ट विरोधी थे। साम्यवादी ढांचे के पतन से ठीक पहले डुगिन ने एक पत्रकार के रूप में काम किया। 1988 में वह और उनके दोस्त गेदर जेमल अल्ट्रानेशनलिस्ट समूह पमायत (मेमोरी) में शामिल हो गए, जिसने बाद में रूसी फासीवाद को जन्म दिया। इसके बाद उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया और गेनेडी जÞुगानोव के नेतृत्व में रूसी संघ की कम्युनिस्ट पार्टी के लिए राजनीतिक कार्यक्रम लिखने में मदद की।

इसी साल तीन मार्च को अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने दुगिन के कथित नियंत्रण के कारण जियोपालिटिका नामक पत्रिका को प्रतिबंधित कर दिया था। इसी अमेरिकी विभाग ने दुगिन की बेटी पर भी प्रतिबंध लगाए, जो कि वेबसाइट यूनाइटेड वर्ल्ड इंटरनेशनल की मुख्य संपादक के तौर पर काम कर रही थी। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के मुताबिक, दारिया की वेबसाइट ने येवगेनी प्रिगोझिन के स्वामित्व में लाखता प्रोजेक्ट को विकसित किया था।

प्रिगोझिन 2016 के अमेरिकी चुनावों में रूसी दखल के लिए जिम्मेदार था। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने दुगिन को उन रूसी नागरिकों की सूची में शामिल किया जिनकी वजह से यूक्रेन में संकट आया। दुगिन की यूरेशियन यूथ यूनियन पर भी निशाना साधा गया।

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First published on: 23-08-2022 at 12:28:08 am
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