WB SIR: पश्चिम बंगाल में इस साल विधानसभा के चुनाव होने है। उससे पहले राज्य की वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण का काम चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम मतदाता सूची जारी होने के लिए डेडलाइन को एक हफ्ते आगे बढ़ा दिया। इसके बाद ही अब चुनाव आयोग ने एसआईआर प्रक्रिया में शामिल 7 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है।
चुनाव आयोग ने अधिकारियों के खिलाफ ये कार्रवाई गंभीर भ्रष्टाचार, काम में लापरवाही और ताकत के दुरुपयोग के पुख्ता सबूत मिलने पर की है। आयोग ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 13 CC के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल किया है और सभी सात अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए अनुशासनात्मक कार्यवाही के आदेश दिए हैं।
कौन-कौन अधिकारी सस्पेंड
चुनाव आयोग ने जिन सात अधिकारियों को सस्पेंड करने के निर्देश दिए हैं, उन अधिकारियों में मुर्शिदाबाद के समसेरगंज से एईआरओ डॉ. सफी उर्रहमान, फरक्का के एईआरओ नीतीश दास, मैनागुड़ी की डालिया रे चौधरी, सूती ब्लॉक के एसके मुर्शिद आलम, दक्षिण 24 परगना के कैनिंग पुरबो निर्वाचन क्षेत्र से एआरओ सत्यजीत दास, जॉयदीप कुंडू, डेबरा विधानसभा क्षेत्र से संयुक्त बीडीओ और एआरओ देबाशीष बिस्वास का नाम है।
पहले भी दी गई थी चेतावनी
गौरतलब है कि चुनाव आयोग पहले भी यह स्पष्ट कर चुका है कि SIR से जुड़े काम में अगर कोई अधिकारी लापरवाही करता पाया गया है तो उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। आयोग का कहना था कि इस मामले में किसी भी तरह का ढीलापन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आयोग ने कहा था कि चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता, पारदर्शिता और वैधानिक मानकों का पालन सर्वोपरि है।
विधानसभा चुनाव को लेकर एक्टिव हुआ ECI
गौरतलब है कि इस साल 5 राज्यों में विधानसभा का चुनाव होने हैं।। इसमें पश्चिम बंगाल से लेकर असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी है। चुनावी तैयारियों के मद्देनजर आज से चुनाव आयोग की टीम तीन दिन के असम दौरे पर होगी। यह विधानसभा चुनाव के लिहाज से आयोग की पहली आधिकारिक यात्रा मानी जा रही है। ‘एसआईआर के काम में रुकावट नहीं आने देंगे’, सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख
