DK Shivkumar Oath Ceremony: कर्नाटक की कांग्रेस सरकार में नेतृत्व परिवर्तन हो चुका है। सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार को विधायक दल का नेता भी चुन लिया गया है। डीके का शपथग्रहण 3 जून 2026 को होगा। डीके लंबे वक्त से सीएम बनने के लिए मशक्कत कर रहे थे लेकिन अब जब सीएम बनने का मौका आया है, तो कहा ये गया है कि उनका शपथ ग्रहण बेहद साधारण तरीके से होगा।
दरअसल, डीके शिवकुमार खुद चाहते हैं, कि उनका शपथग्रहण सादगी के साथ हो। उनका तर्क हैं कि कर्नाटक भर से कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों की संभावित आमद के कारण बेंगलुरु में यातायात बाधित होने की आशंका है और इससे आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
जनता के लिए डीके ने लिया फैसला
डीके शिवकुमार बुधवार को शाम 4.05 बजे लोकसभवन में कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने वाले हैं। उन्होंने कहा कि यह निर्णय पार्टी नेताओं और पुलिस अधिकारियों के साथ परामर्श करके जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें कम से कम असुविधा पहुंचाने के लिए लिया गया था।
डीके शिवकुमार ने कहा, “वह कामकाजी दिन है, इसलिए हम बेंगलुरु शहर में अराजकता नहीं चाहते। पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को राजधानी लाने के लिए 17,000 से अधिक वाहनों की बुकिंग पहले ही हो चुकी है। पुलिस अधिकारियों को यातायात बाधित होने और जनता की शिकायतों को लेकर चिंता थी।”
केवल प्रमुख लोग होंगे मौजूद
डीके शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) ने पार्टी नेताओं को पहले ही सूचित कर दिया था कि समारोह में केवल प्रमुख गणमान्य व्यक्ति ही शामिल होंगे। उन्होंने आगे कहा कि बेंगलुरु में अराजकता से बचने के लिए हमने लोक भवन में एक सादे शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन करने का निर्णय लिया है। हमें आम लोगों की मदद भी करेंगे।
डीके शिवकुमार के शपथग्रहण में शामिल न हो पाने वाले कार्यक्रम को लेकर बताया गया कि शपथ ग्रहण समारोह का सीधा प्रसारण केपीसीसी मुख्यालय से किया जाएगा। शिवकुमार ने कहा कि पार्टी सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम स्थल पर जगह नहीं दे पाएगी।
कर्नाटक बीजेपी में बड़े बदलाव की आहट, क्या विजयेंद्र को प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटाएगी पार्टी?
कांग्रेस के द्वारा कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन करने के बीच बीजेपी भी इस दिशा में आगे बढ़ रही है। बीजेपी आने वाले दिनों में कर्नाटक में अपने संगठन में बहुत बड़े बदलाव कर सकती है। पार्टी की कोशिश विपक्ष में रहते हुए संगठन को मजबूत करने और राज्य में फिर से अपनी सरकार बनाने की है। पढ़िए पूरी खबर…
