कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के एक दिन बाद कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने शुक्रवार सुबह सोनिया गांधी के 10 जनपथ स्थित आवास पर राहुल गांधी से मुलाकात की। इस दौरान उनके बेटे यतींद्र भी साथ मौजूद थे। इस मुलाकात को अहम माना जा रहा है क्योंकि ऐसा माना जा रहा है कि सिद्धारमैया कांग्रेस नेतृत्व के साथ अपनी आगे की राजनीतिक भूमिका पर चर्चा करने पहुंचे थे।
मालूम हो कि उन्होंने पहले ही राज्यसभा सीट का प्रस्ताव ठुकरा दिया है। सिद्धारमैया ने यह भी साफ कर दिया है कि वह कर्नाटक में ही सक्रिय रहना चाहते हैं और पार्टी हाईकमान द्वारा सुझाई गई केंद्रीय भूमिका में उनकी दिलचस्पी नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, बैठक के दौरान सोनिया गांधी मौजूद नहीं थीं और सिद्धारमैया ने केवल राहुल गांधी से मुलाकात की।
सूत्रों ने बताया कि सिद्धारमैया ने राहुल गांधी को राज्य की सेवा का मौका देने के लिए धन्यवाद दिया और यह भी कहा कि उन्होंने पार्टी नेतृत्व के कहने पर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया है। बताया जा रहा है कि सिद्धारमैया नए कर्नाटक मंत्रिमंडल में अपने बेटे और करीबी समर्थकों के लिए जगह की मांग भी कर सकते हैं। इसमें उपमुख्यमंत्री पद की मांग भी शामिल हो सकती है।
सूत्रों के अनुसार, इसके बाद सिद्धारमैया ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से भी मुलाकात की और कर्नाटक में नई सरकार के गठन और पार्टी में अपनी भविष्य की भूमिका पर चर्चा की। राहुल गांधी के साथ करीब एक घंटे चली बैठक में मौजूद कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने कहा, “यह बहुत अच्छी बैठक थी। कई मुद्दों पर चर्चा हुई।”
हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि क्या कर्नाटक में सत्ता हस्तांतरण सुचारु रूप से होगा, तो उन्होंने कहा, “बिल्कुल। राज्य में सत्ता के शांतिपूर्ण हस्तांतरण में कोई बाधा नहीं है।” गौरतलब है कि गुरुवार को कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने औपचारिक रूप से सिद्धारमैया का इस्तीफा स्वीकार कर लिया था।
सूत्रों के मुताबिक उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार जिन्हें कर्नाटक का अगला मुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना है, सरकार गठन को लेकर कांग्रेस संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल से अलग से चर्चा करेंगे। कांग्रेस कर्नाटक में पार्टी संगठन में फेरबदल पर भी काम करेगी, जिस पर शुक्रवार को चर्चा होने की संभावना है।
सूत्रों ने बताया कि नए मुख्यमंत्री के चुनाव के लिए शनिवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई जा सकती है। दो बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री रह चुके सिद्धारमैया ने 2006 में जनता दल (सेक्युलर) छोड़कर कांग्रेस का दामन थामा था।
इधर, कर्नाटक में सत्ता हस्तांतरण पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने हैरानी व्यक्त की और इतने गरिमापूर्ण तरीके से मुख्यमंत्री पद छोड़ने को लेकर कांग्रेस नेता सिद्धारमैया की सराहना की। उन्होंने कहा, “कांग्रेस की अपनी आंतरिक व्यवस्था है। लेकिन मेरी सिद्धारमैया के प्रति इज्जत काफी बढ़ गई है। सत्ता का इतना सुचारू हस्तांतरण शायद ही कभी देखने को मिलता है। नेता आमतौर पर अपनी कुर्सी नहीं छोड़ते। सिद्धारमैया एक सच्चे नेता हैं, जनता के नेता हैं। जब कांग्रेस पार्टी ने आदेश दिया, तो उन्होंने पद छोड़ दिया। भारतीय राजनीति में मैंने ऐसा नजारा शायद ही कभी देखा है।”
