कांग्रेस सांसद शशि थरूर कुछ दिन पहले संसद की सीढ़ियों से गिर गए थे, जिससे उनके पैर में हेयरलाइन फ्रैक्चर हो गया। गुरुवार को जब वे संसद पहुंचे, तो उन्हें व्हीलचेयर का सहारा लेना पड़ा। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
शथि थरूर ने वायरल वीडियो पर क्या बोला?
इस दौरान कुछ मीडिया कर्मियों ने उनसे मज़ाकिया अंदाज़ में पूछा कि क्या उन्हें किसी की नज़र लग गई है। इस सवाल पर शशि थरूर ने भी हल्के-फुल्के अंदाज़ में जवाब दिया। उन्होंने कहा, “कहीं न कहीं नज़र तो मुझे लगी है, लेकिन मैं अपना काम ऐसे ही करता रहूंगा।” थरूर ने यह भी कहा कि केरल में चुनाव वैसे भी अप्रैल में होने हैं। शशि थरूर ने अपनी सेहत को लेकर सोशल मीडिया पर भी एक अपडेट साझा किया था। उन्होंने शायराना अंदाज़ में लिखा, “दीये को तूफान में जलना होगा, उसे संभलकर चलना होगा।”
इस बीच जानकारी के लिए बता दें कि इस समय लोकसभा और राज्यसभा- दोनों सदनों में भारी हंगामा देखने को मिल रहा है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा लोकसभा में पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल मनोज नरवणे की एक अप्रकाशित किताब का जिक्र किए जाने के बाद से केंद्र सरकार उन पर हमलावर है और उन पर नियम तोड़ने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
संसद में क्यों हो रहा हंगामा?
गुरुवार को भी इसी मुद्दे पर संसद में तीखी बहस देखने को मिली। राज्यसभा में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच जोरदार तकरार हो गई। विवाद उस समय और बढ़ गया, जब जेपी नड्डा ने बिना नाम लिए “अबोध बालक” का जिक्र कर दिया। इसके जवाब में मल्लिकार्जुन खड़गे ने पलटवार करते हुए जेपी नड्डा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का “बंधक” बता दिया। खड़गे ने कहा कि आपको तो प्रधानमंत्री मोदी ने बंधक बना रखा है और आप उनकी राय के बिना कुछ भी नहीं बोल सकते। उन्होंने आगे कहा कि अगर हम चीन के मुद्दे पर बोलना शुरू कर देंगे, तो सत्ता पक्ष उससे भी सहमत नहीं होगा। खड़गे ने अपने बयान में पंडित जवाहरलाल नेहरू का भी जिक्र किया और कहा कि वे एक बेहद लोकतांत्रिक व्यक्ति थे। उन्होंने कभी अपनी शक्तियों का दुरुपयोग नहीं किया, जबकि मौजूदा सरकार ठीक इसके उलट काम कर रही है।
