IPS Ajay Pal Sharma News: तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रहे रिजु दत्ता को हाल ही में पार्टी से निलंबित कर दिया गया था। उन्होंने रविवार को उत्तर प्रदेश के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा से बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगी। रिजु दत्ता ने कहा कि उन्होंने जो आईपीएस अजय पाल शर्मा को लेकर जो कुछ भी कहा था, वह उनकी व्यक्तिगत राय नहीं थी, बल्कि पार्टी लाइन के तहत दिया गया बयान था।

रिजु दत्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो जारी किया है। उन्होंने कहा, “मेरी पार्टी ने मुझे छह साल के लिए निलंबित कर दिया था। एक मुद्दा जो खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है वो मुद्दा ये ही कि मैंने आईपीएस अजय पाल शर्मा जी को कुछ बातें कही थीं। जो बातें मैंने कही थीं वो तृणमूल कांग्रेस की पार्टी लाइन थी। मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूँ कि मैंने वह वीडियो तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में, तृणमूल मुख्यालय से, पार्टी लाइन का पालन करते हुए बनाया था और वह वीडियो तृणमूल कांग्रेस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स से भी जारी किया गया था।”

रिजु दत्ता ने आईपीएस अजय पाल शर्मा से मांगी माफी

रिजु दत्ता ने आगे कहा, “मैं अजय पाल शर्मा से इस वीडियो के माध्यम से कहना चाहता हूं कि जो भी बातें मैंने कही थीं वो पार्टी के एक प्रवक्ता के तौर पर कही थी। यह कोई भी व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं थी। मेरे साथ आपका कोई व्यक्तिगत विवाद भी नहीं है। मैं उन शब्दों का आपके खिलाफ इस्तेमाल करने के लिए मैं आपसे बिना शर्त माफी मांगता हूं। मैं इस मामले को आगे नहीं खींचना चाहता हूं। लोगों में जो मेरे खिलाफ जो गुस्सा है वो शायद खत्म हो जाएगा।”

रिजु दत्ता ने पहले क्या कहा था?

अप्रैल महीने के आखिर में चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले दक्षिण 24 परगना के लिए पुलिस पर्यवेक्षक के तौर पर अजय पाल शर्मा को तैनात किया था। मतदाताओं को डराने-धमकाने की शिकायतों के बाद, शर्मा ने टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी के करीबी सहयोगी और टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान के आवास पर जाकर तुरंत सुर्खियां बटोरीं। उन्होंने खान के परिवार को कैमरे के सामने चेतावनी दी। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

टीएमसी इस मुद्दे को लेकर बेहद आक्रोशित थी और दत्ता इस मुद्दे पर पार्टी के अगुआ बन गए थे। उन्होंने शर्मा को “(यूपी के मुख्यमंत्री) योगी आदित्यनाथ का सनकी गुंडा” बताया और कहा कि उन्हें “चुनाव आयोग ने जबरदस्ती इस पद पर बिठाया है” और उन पर फर्जी एनकाउंटर और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। यह वीडियो टीएमसी के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खूब शेयर किया गया।