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सीबीआई क्‍यों करना चाहती है कोलकाता पुलिस कमिश्‍नर से पूछताछ, ये है वजह

सीबीआई टीम जब कोलकाता पुलिस आयुक्त राजीव कुमार के घर पर उनसे मिलने पहुंची तो पश्चिम बंगाल पुलिस ने सीबीआई अधिकारियों को ही हिरासत में ले लिया।

अधिकारियों से बात करतीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (फोटो सोर्स : Indian Express)

ममजा बनर्जी के गढ़ पश्चिम बंगाल में अब तक का सबसे बड़ा ड्रामा चल रहा है। यहां केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई और पुलिस आमने सामने आ चुकी हैं। पूरा मामला चिटफंड घोटाले से जुड़ा है। इस मामले में सीबीआई कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार से पूछताछ करना चाहती है। केंद्र और राज्य के बीच छिड़ी लड़ाई को 12 घंटे से ज्यादा बीत चुके हैं। लेकिन अभी भी सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर जांच एजेंसी राजीव कुमार से पूछताछ क्यों करना चाहती है?

इस सवाल को लेकर कई दावे और आशंकाएं जाहिर की गईं। हालांकि इसी मसले पर एक सीनियर ऑफिसर ने दावा किया कि कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार से पूछताछ करने का मकसद चिटफंड घोटाले के पीछे बड़ी साजिश से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत हैं। इसी कारण सीबीआई राजीव कुमार से पूछताछ करना चाहती है।

इसी मामले पर सीबीआई के ज्वाइंट डायरेक्टर पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि, घोटाले से जुड़े अहम और गंभीर सबूत नहीं सौंपे गए थे। इन सबूतों को नष्ट किए जाने की पूरी संभावना है। हम जांच को और आगे ले जाना चाहते हैं। हम चिट फंड घोटालों से जुड़ी बड़ी साजिश को देख रहे हैं। वहीं, सीबीआई सूत्रों ने दावा किया कि यह सबूत पश्चिम बंगाल और उसके बाहर ‘इन घोटालों को प्रभावशाली व्यक्तियों से जोड़ने की चाभी है’।

सीबीआई के अनुसार, अप्रैल 2013 में राज्य द्वारा गठित स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने शारदा चिट फंड घोटाले की जांच के लिए साक्ष्य जुटाए थे। इसका नेतृत्व राजीव कुमार की कर रहे थे। जुटाए गए साक्ष्यों में एक डायरी सहित एक लैपटॉप, पांच सेलफोन और दस्तावेज शामिल हैं। जो बताया गया कि सारदा समूह के प्रवर्तक सुदीप्त सेन के हैं।

बता दें कि, पश्चिम बंगाल के सारदा चिटफंड घोटाले की जांच पर सीबीआई और कोलकाता पुलिस में ठन गई है। पांच अफसरों की सीबीआई टीम रविवार (03 फरवरी) को शाम जब कोलकाता पुलिस आयुक्त राजीव कुमार के घर पर उनसे मिलने पहुंची तो पश्चिम बंगाल पुलिस ने सीबीआई अधिकारियों को बीच रास्ते से ही हिरासत में ले लिया। हालांकि काफी गहमागहमी और हंगामे के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। इसके तुरंत बाद ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेन्स कर और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। इसके बाद से वह धरने पर बैठी हैं।

 

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