Women Reservation Bill: संसद का बजट सत्र तीन दिन के लिए बढ़ाया गया है। इस दौरान लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए 2023 में बनाए गए कानून को 2029 से लागू किया जा सके। पीएम मोदी ने सत्ता पक्ष के गठबंधन और विपक्ष के सभी राजनीतिक दलों से इसका समर्थन करने का आग्रह किया। हालांकि समाजवादी पार्टी के चीफ अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण बिल के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
दरअसल, समाजवादी पार्टी के मुखिया और उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण बिल को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल का तो आधार ही निराधार है, जब महिलाओं की जनसंख्या के लिए 2011 के पुराने आंकड़ों को आधार बनाएंगे, तो महिला आरक्षण की आधारभूमि ही गलत हो जाएगी। इसीलिए सपा महिला आरक्षण के प्रावधान का विरोध कर रही है।
पहले जनगणना कराए सरकार- अखिलेश यादव
सपा चीफ अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर कहा कि हमारी आपत्ति यही है कि पहले जनगणना कराई जाए और फिर महिला आरक्षण की बात उठाई जाए। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को गिनना नहीं चाहती है, वो भला उन्हें आरक्षण क्या देगी।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसको लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट लिखा। इसमें उन्होंने कहा, “जब गिनती ही गलत होगी तो आरक्षण कैसे सही होगा। अगर किसी काम को करने की सही मंशा होती है, तो शंका नहीं होती है। महिला आरक्षण बिल का तो आधार ही निराधार है।”
‘कोई हवा हवाई बात नहीं’
अखिलेश यादव ने कहा कि महिला आरक्षण का आधार अगर कुल सीटों का 1/3 (एक तिहाई) है तो इसका मतलब हुआ कि ये गणित का विषय है और गणित का आधार अंक होते हैं, संख्याएं होती हैं, कोई हवा हवाई बात नहीं और इस तरह के मामले में संख्या का आधार जनसंख्या होती है, जिसका आधार जनगणना होती है।
अखिलेश ने कहा कि जब महिलाओं की जनसंख्या के लिए 2011 के पुराने आंकड़ों को आधार बनाएंगे तो महिला आरक्षण की आधारभूमि ही गलत होगी, जब भूमि में ही दोष होगा तो सच्ची फसल कैसे उगेगी।
‘महिलाओं के साथ नहीं होने देंगे छलावा’
अखिलेश यादव ने कहा कि हमारी सबसे बड़ी आपत्ति यही है कि पहले जनगणना कराई जाए फिर महिला आरक्षण की बात उठाई जाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं के साथ बीजेपी और उनके संगी-साथी जो धोखा करना चाहते हैं, महिलाओं के साथ वो छलावा हम नहीं होने देंगे। कुल मिलाकर सरकार से हमारा ये कहना है, जब तक जनगणना नहीं, तब तक महिला आरक्षण पर बहस करना सही नहीं है।
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समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने दादरी में 9वीं शताब्दी के शासक मिहिर भोज की प्रतिमा के पास स्थित मिहिर भोज डिग्री कॉलेज को रविवार को अपनी रैली के लिए चुना है। इस कार्यक्रम को उत्तर प्रदेश में उनके 2027 के चुनाव अभियान की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। पढ़िए पूरी खबर…
