Lovely Professional University News: पंजाब में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के ‘यूनी मॉल’ के अंदर दुकान चलाने वालों के लिए, रविवार को कैंपस में हुई हिंसा ने टूटे हुए शीशों और खाली शेल्फ की तरह ही एक जरूरी सवाल खड़ा कर दिया है वह यह था कि उनके नुकसान की भरपाई कौन करेगा।

एलपीयू में हिंसा तब भड़की जब बिना पुष्टि वाली खबरें आईं कि कैंपस में एक बाहरी व्यक्ति ने एक छात्र के साथ यौन उत्पीड़न किया है। यूनिवर्सिटी ने इन आरोपों को बेबुनियाद और मनगढ़ंत बताते हुए खारिज कर दिया, जबकि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तोड़फोड़ और आगजनी के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश दिया।

दुकानदारों का दावा है कि विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ छात्रों की शिकायतों में उनका कोई हाथ नहीं था। हालांकि, रविवार को तड़के 2 बजे से 4 बजे के बीच जब छात्रों ने जालंधर-फगवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर प्रस्थान किया, तो विरोध प्रदर्शन तेज हो गया और उनकी दुकानों में तोड़फोड़ की गई और कथित तौर पर सामान चोरी हो गया।

यूनि मॉल विश्वविद्यालय के स्वामित्व वाली दुकानों का समूह नहीं है। यह व्यावसायिक स्थान निजी व्यवसायों को पट्टे पर दिया गया है, जहां लोग परिसर में अपने प्रतिष्ठान चलाने के लिए दुकानें किराये पर लेते हैं। कई दुकानदारों ने सोमवार को इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि वे अभी भी नुकसान का आकलन कर रहे हैं, खरीद के बिल इकट्ठा कर रहे हैं और पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं।

एक दुकान के मालिक ने बताया कि उन्होंने हाल ही में मोबाइल फोन और एक्सेसरीज का लगभग 21 लाख रुपये का स्टॉक खरीदा है। यह उस सामान के अतिरिक्त है जिसका मूल्य 7-8 लाख रुपये है और जो पहले से ही दुकान में मौजूद था। उन्होंने कहा, “अब मेरी दुकान में कुछ भी नहीं बचा है। मैं नुकसान का हिसाब लगा रहा हूं और सारे बिल वसूल रहा हूं। उसके बाद मैं पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराऊंगा।”

एक लैपटॉप की दुकान के मालिक ने बताया कि उनकी दुकान में भी तोड़फोड़ की गई और लाखों रुपये के लैपटॉप गायब हो गए। एक अन्य दुकानदार ने बताया कि कॉस्मेटिक्स, टी-शर्ट, जूते और ब्रांडेड फुटवियर चोरी हो गए। उन्होंने कहा कि नुकसान सिर्फ गायब सामान तक ही सीमित नहीं था। उन्होंने दावा किया कि अलमारियां तोड़ दी गईं और दुकान के अंदर कांच के काउंटर तोड़ दिए गए।

दुकानदारों में से एक ने पूछा, “अगर छात्रों को विश्वविद्यालय से कोई शिकायत थी, तो उन्होंने इसका भुगतान हमसे क्यों करवाया? हम यहां छोटे-मोटे व्यवसाय चलाने वाले आम लोग हैं। अब इन नुकसानों की भरपाई कौन करेगा?”

यूनि मॉल में हिंसा के बाद के हालात स्पष्ट थे। दुकानों के सामने और एस्केलेटर क्षेत्र में टूटे हुए कांच बिखरे पड़े थे, जबकि कई प्रतिष्ठानों के अंदर क्षतिग्रस्त अलमारियां, काउंटर और अन्य सामान दिखाई दे रहे थे। सफाई कर्मचारी मलबा हटाने में सक्रिय रूप से लगे हुए थे।

नुकसान दुकानों तक ही सीमित नहीं रहा। पास के फूड कोर्ट को भी भारी नुकसान पहुंचा। विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने बताया कि बाइक और एम्बुलेंस समेत कई वाहनों को अलग-अलग जगहों पर आग लगा दी गई या क्षतिग्रस्त कर दिया गया। कई इमारतों की खिड़कियां टूट गईं, सीसीटीवी कैमरे क्षतिग्रस्त हो गए और एंट्री गेट के कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ की गई।

विश्वविद्यालय का कांच का मॉडल तोड़ दिया गया, जबकि परिसर में लगे गमले और अन्य सजावटी ढांचे क्षतिग्रस्त हो गए। एंट्री गेट पर विश्वविद्यालय के लोगो वाले ढांचे भी गिरा दिए गए। विश्वविद्यालय ने अभी तक नुकसान की कुल कीमत का अंदाजा नहीं लगाया है।

एलपीयू के डायरेक्टरों में से एक अमन मित्तल ने कहा कि हिंसा के दौरान वे शहर से बाहर थे और रविवार रात ही लौटे। उन्होंने सोमवार सुबह कैंपस का दौरा किया। उन्होंने कहा, “बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है। इस समय, इसकी सही कीमत बताना मुश्किल है। कुछ चीजों की मरम्मत हो सकती है, लेकिन कुछ चीजें हमेशा के लिए खराब हो गई हैं। बाकी मरम्मत में महीनों का समय लगेगा और काफी पैसे खर्च होंगे।”

यूनि मॉल के अंदर नुकसान किसने पहुंचाया, यह सवाल अभी भी बना हुआ है। कुछ छात्रों का आरोप है कि हंगामे के दौरान बाहरी लोग कैंपस में घुस आए और हालात का फायदा उठाया। साथ ही, विश्वविद्यालय ने उन लोगों की संभावित भूमिका पर भी चिंता जताई है जो छात्रों के विरोध प्रदर्शन का हिस्सा नहीं थे।

ऑनलाइन वायरल हो रहे वीडियो में लोगों को दुकानों में घुसते और सामान ले जाते हुए देखा जा सकता है, लेकिन फुटेज में दिख रहे लोगों की पहचान की पुष्टि स्वतंत्र रूप से नहीं हो पाई है। उम्मीद है कि पुलिस सीसीटीवी फुटेज और दूसरे सबूतों की जांच करके पता लगाएगी कि इसमें कौन-कौन शामिल था। इस बीच, विश्वविद्यालय ने कैंपस का इंटरनेट बंद कर दिया है और 10 दिनों के लिए क्लास सस्पेंड कर दी हैं। छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के जवाब में पुलिस ने मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है।

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पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में रविवार को हुई हिंसक अशांति के बाद प्रशासन ने 10 दिनों के लिए क्लासेज सस्पेंड कर दी है। इसके चलते सोमवार से छात्रों ने यूनिवर्सिटी परिसर छोड़ना शुरू कर दिया है। बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन तक पहुंचने के लिए छात्रों के समूह ऑटो-रिक्शा और अन्य स्थानीय साधनों में सवार होते देखे गए। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…