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दिल्ली में CM उम्मीदवार कौन? बीजेपी में अटका सबसे बड़ा पेंच

हालांकि, लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी के नाम बीजेपी ने दिल्ली की सभी सात सीटें जीतीं और दावा किया कि विधानसभा चुनाव में आगे वह केजरीवाल सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकेगी।

सूत्रों की मानें तो बीजेपी चीफ अमित शाह ने प्रयोग के तौर पर मनोज तिवारी को दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष बनाया था। (फाइल फोटो)

देश की राजधानी नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ओर से कौन मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार होगा? पार्टी में इन दिनों इसी मसले पर सबसे बड़ा पेंच अटका हुआ है। दिल्ली बीजेपी चीफ, एक्टर और गायक मनोज तिवारी, राज्यसभा सदस्य और पूर्व दिल्ली बीजेपी प्रमुख विजय गोयल, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ.हर्षवर्धन और बीजेपी विधायक विजेंद्र गुप्ता सीएम की दौड़ में हैं, जिनमें मुख्यमंत्री चेहरा चुनना बीजेपी के लिए आसान नहीं है। ‘बिजनेस स्टैंडर्ड’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बीजेपी इनमें से अगर किसी का नाम घोषित कर देगी, तो इन नेताओं के गुटों और समर्थकों के बीच विवाद पनप सकता है, जिससे पार्टी की छवि प्रभावित हो सकती है।

विजय गोयलः वह अटल बिहारी वाजयपेयी सरकार और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली पिछली सरकार में मंत्री रहे हैं। मौजूदा समय में राजस्थान से राज्यसभा सदस्य हैं, पर दिल दिल्ली में रहता है। बीते महीने से पार्क में लोगों के साथ चुनावी चर्चा संग दिन शुरू करते हैं। पूछते हैं कि कौन से मुद्दे लोगों के लिए अहम हैं। साथ ही सवाल करते हैं, “आखिर इतने बड़े जनादेश के बाद पांच सालों में अरविंद केजरीवाल की आप ने क्या किया?” वहीं, एक सूत्र ने बताया, “दिल्ली का जब भी जिक्र होता है, तो वह पीएम के दिमाग में आते हैं। दरअसल, मोदी गोयल के काम के तरीके से प्रभावित हैं और उन्हें पता है कि वह असली दिल्ली वाले हैं।” हालांकि, अन्य का मानना है कि वह सीएम पद के सही दावेदार नहीं हैं।

मनोज तिवारीः फिलहाल दिल्ली बीजेपी चीफ मनोज तिवारी हैं, जो कि जाने-माने भोजपुरी गायक और एक्टर भी हैं। वह गोयल से 17 साल छोटे हैं, जबकि दो बार उत्तरी पूर्वी दिल्ली से सांसद हैं। सूत्रों पर यकीन करें तो, ”पार्टी चीफ नए आइडिया के साथ प्रयोग करते रहते हैं और तिवारी को आगे लाना भी उन्हीं कदमों में से एक था।” वहीं, पार्टी में लंबा समय गुजार चुके एक नेता ने कहा, “तिवारी से जुड़ा ग्लैमर वाला भाग उनकी राजनीतिक समझ को लेकर अक्सर सवालिया निशान लगाता है। यही नहीं, उनकी अपील भी प्रवासियों से आगे (पंजाबियों और बनियों तक) नहीं जा पाती है।”

ये भी हैं रेस में: राजधानी में भगवा पार्टी के सीएम दावेदार की रेस में विजेंद्र गुप्ता भी हैं, जो 2015 के विधानसभा चुनाव में उन तीन बीजेपी उम्मीदवारों में से हैं, जिन्हें जीत हासिल हुई थी। चांदनी चौक सीट से ताल्लुक रखने वाले हर्षवर्धन भी जीते थे, जो कि उनके साथ तगड़े कैंडिडेट माने जाते हैं। सूत्र के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया, “अगर हम सीएम चेहरा उतार देंगे, तो गुटबाजी विवाद हो सकता है।” पिछले विस चुनाव में सीएम चेहरा किरण बेदी (अब पुडुचेरी की राज्यपाल) थीं, जो चुनाव हार गई थीं। हर्षवर्धन को तब सीएम चाहने वाले तब इस बात से खासा नाराज थे। हालांकि, लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी के नाम बीजेपी ने दिल्ली की सभी सात सीटें जीतीं और दावा किया कि विधानसभा चुनाव में आगे वह केजरीवाल सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकेगी।

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