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अमित शाह ने कहा- देशद्रोही नहीं हैं ओवैसी उन्हें हम समझाएंगे, राहुल का JNU जाना भी गलत नहीं था

बकौल शाह हर नागरिक को भारत मां की जय बोलने पर विपक्षी दलों ने बीजेपी को संघ की मंशा थोपना बताया लेकिन उन्होंने कहा भारत माता की जय' का नारा बीजेपी और आरएसएस की स्थापना के वर्षों पहले से बना है।

Author नई दिल्ली | Updated: March 19, 2016 8:57 AM
बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह

असदउद्दीन ओवैसी देशद्रोही नहीं है लेकिन उन्हें समझाने की जरूरत है और हम उन्हें समझाएंगे।  ये कहना है बीजेपी अधयक्ष अमित शाह का। शाह ने देश में हो रही कई तरह की गतिविधियों पर इंडिया टुडे के कॉन्क्लेव के दौरान चर्चा की। गौरतलब है कि हाल ही ओवेसी ने नागपुर में अपने उस बयान के जरिए देशद्रोही बन गए, जब उन्होंने कहा कि उनकी गर्दन पर चाकू की नोक भी रख दी जाए तब भी भारत मां की जय नहीं बोलेंगे। हालांकि बाद में ओवैसी को इसका जवाब जावेद अख्तर बेहद कायदे से दिया, जो इन दिनों मुख्य सुर्खियों का विषय बने हुए हैं।

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बता दें कि गुरुवार को पहले दिन के आखि‍री सत्र में भी बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने साफ शब्दों में कहा कि देश की अखंडता को कोई तोड़ नहीं सकता, लेकिन अगर कोई नारेबाजी करके या कुछ करके देश की एकता-अखंडता को नुकसान पहुंचाने की कोशि‍श करेगा तो हम उसका विरोध जरूर करेंगे।

बकौल शाह हर नागरिक को भारत मां की जय बोलने पर विपक्षी दलों ने बीजेपी को संघ की मंशा थोपना बताया लेकिन उन्होंने कहा भारत माता की जय’ का नारा बीजेपी और आरएसएस की स्थापना के वर्षों पहले से बना है, इस बात पर बहस करना बेकार है। 99 फीसदी लोग मानते हैं कि भारत माता की जय बोलना देश का सम्मान है। लिहाजा भारत माता की जय बोलने में किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए और जिसकी मंशा हो न हो उसे समझाना चाहिए।

कभी ये नहीं कहा कि किसी से भारत माता की जय जबरन बुलवाया जाए। पार्टी ऐसे किसी भी बयान का समर्थन नहीं करती और न ही कोई नेता ऐसे बयान दे रहा है।

विपक्ष के निशाने पर बीजेपी पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि संघ के ऐजेंडो को बीजेपी जनता पर जबरन थोपती है, इस पर शाह ने कहा कि यह लोकतंत्र है, यहां किसी पर कुछ थोपा नहीं जा सकता। कांग्रेस वाले भी कहते हैं आपमें असहिष्णुता है, गूगल पर सोनिया जी का कार्टून आया था तो कांग्रेस ने गूगल पर कार्रवाई की। लेकिन तब किसी ने हंगामा नहीं किया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यदि कोई सरकार के खिलाफ है तो ठीक है लेकिन अगर देश के खिलाफ है तो हम बोलेंगे।

बता दें कि हाल ही जेनएयू में अफजल गुरु के समर्थन और देशविरोधी नारे लगाए लगाए। बाद में इन्हीं छात्रों के समर्थन में राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल सरीसे कई नेता देशद्रोह नारे लगाने वाले छात्रों के समर्थन में उतरे और बीजेपी को जमकर टारगेट किया।

प्रोग्राम में जब प्रश्न किया गया कि राहुल गांधी ने नारेबाजी को समर्थन नहीं किया तो जवाब में शाह ने कहा कि आपकी आवाज को दबाया जा रहा है, मैं आपके साथ हूं, देखिए स्वर कितना है और लाउड स्पीकर कौन लगाता है। उन्होंने कहा कि हाल ही आगरा में एक दलित युवक की हत्या हो गई और किसी एक व्यक्ति ने वहां जाकर कुछ कह दिया, ये महत्वपूर्ण हो गया। परसों हमारे कार्यकर्ता को केरल में इस तरह मारा गया कि जीवन भर पैरालिसिस रहेगा। कम्युनिस्ट पार्टी वालों ने अटैक किया है, लेकिन किसी ने हंगामा नहीं किया।

कॉन्क्लेव में जब पूछा गया कि क्या कालाधन और रोजगार जैसे मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए देशद्रोह और ऐसे मुद्दे उछाले जा रहे हैं? तो शाह ने कहा कि जेएनयू में नारे बीजेपी ने नहीं लगाए। हमने रोजगार के लिए मुद्रा बैंक के तहत बड़ी संख्या में लोगों को लोन दिया है। मैं सरकार के कामकाज से संतुष्ट हूं। गड्ढा इतना बड़ा है कि भरने में समय लगेगा। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि समय सीमा नहीं बता सकते लेकिन काला धन भारत जरूर आएगा।

हैदराबाद में दलित छात्र रोहित वेमुला की मौत पर शाह ने कहा कि मैं छात्र रोहित की मौत को बहुत दुर्भाग्यपूर्ण मानता हूं, लेकिन रोहित से पहले भी 9 दलित और अन्य बच्चों ने हैदराबाद यूनिवर्सिटी में आत्महत्या की। किसी ने हंगामा नहीं किया, मतलब कि आवाज बड़ी नहीं है, लाउडस्पीकर कौन लगा रहा है। विरोध तो करना ही चाहिए, युवा हैं तो ऐसा होता ही है, लेकिन यह कहना है कि सोचने की, बोलने की पाबंदी लगी है, ये गलत है। इसके अलावा शाह ने बिहार चुनाव में हार, आरक्षण जैसे कई मुद्दों पर चर्चा की।

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