आम आदमी पार्टी छोड़ भाजपा का दामन थामने वाले सात सांसदों में एक नाम विक्रमजीत सिंह साहनी का भी है। साहनी को आम आदमी पार्टी ने 2022 में पंजाब से राज्यसभा के लिए मनोनीत किया था, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने कभी भी पीएम मोदी या भाजपा की आलोचना नहीं की है। साहनी के बारे में कहा जाता है कि राजनीति में उनके मित्र हर पार्टी में हैं, लेकिन उनका मुख्य उद्देश्य पंजाब की खुशहाली है।
व्यवसायी और समाजसेवी विक्रमजीत सिंह साहनी (64) भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थक माने जाते हैं। उन्होंने कभी खुलकर आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़ाव नहीं दिखाया, लेकिन फिर भी AAP ने उन्हें 2022 में पंजाब से राज्यसभा भेजा था। इसी वजह से जब वह छह अन्य AAP सांसदों के साथ भाजपा में शामिल हुए तो जो लोग उनके राजनीतिक सफर को जानते थे, उन्हें ज्यादा हैरानी नहीं हुई। साहनी सन ग्रुप नाम की ट्रेडिंग और कंसल्टेंसी कंपनी के संस्थापक और मालिक हैं। वे अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं से अच्छे संबंध रखने के लिए भी जाने जाते हैं।
2014 में केंद्र में भाजपा के सत्ता में आने के बाद से वे भाजपा के मुखर समर्थक रहे, लेकिन आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा के लिए मनोनीत किए जाने से पहले उन्होंने कभी किसी पार्टी में औपचारिक रूप से शामिल नहीं हुए। 2022 में आम आदमी पार्टी द्वारा उनके नामांकन की घोषणा के बाद इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए साहनी ने कहा था, “मैं कोई राजनीतिक व्यक्ति नहीं हूं। मैं पंजाब की सेवा करूंगा ताकि इसे इसकी पुरानी शान वापस मिल सके।”
भारत और प्रवासी सिख समुदाय में साहनी अपने सामाजिक कार्यों के लिए जाने जाते हैं। जिनमें तालिबान द्वारा सत्ता पर कब्जा करने के बाद अपने खर्च पर तीन चार्टर्ड विमान भेजकर 500 अफगान हिंदुओं और सिखों को निकालने में मदद करना शामिल है।
उनका NGO, सन फाउंडेशन, ‘मेरा परिवार, मेरी ज़िम्मेदारी’ कार्यक्रम के तहत अफ़गान शरणार्थी परिवारों को आर्थिक मदद देता है। साथ ही, उन्हें काम सीखाने के लिए एक कौशल विकास केंद्र भी चलाता है। साहनी पंजाब में अपने खर्च पर कई जनकल्याण के काम करते हैं, जैसे युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट सेंटर और जरूरतमंद लोगों के लिए मुफ्त शिक्षा। हालांकि, उन्होंने इन कामों को कभी भी पंजाब की सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार से जोड़कर नहीं दिखाया।
साहनी का गैर सरकारी संगठन अपने नाम से कार्यक्रम चलाकर केंद्र सरकार की योजनाओं को बढ़ावा और समर्थन दे रहा है। उदाहरण के लिए इसके कार्यक्रम ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के तहत उत्तर भारत के ग्रामीण इलाकों में 15,000 से ज्यादा महिलाओं और दिल्ली व अमृतसर के कौशल केंद्रों को सहायता प्रदान करने का दावा किया गया है। साहनी ने अपने ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के तहत अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा के साथ मिलकर मुंबई की एक झुग्गी बस्ती को सफाई के लिए गोद लेने का भी दावा किया है।
अपने परोपकारी कार्यों और विश्व भर में फैले व्यापारिक संबंधों के कारण वे विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और बॉलीवुड हस्तियों के करीबी रहे हैं। उन्हें 2008 में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के दौरान समाज में अमूल्य योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया था।
शिरोमणि अकाली दल (SAD) द्वारा नियंत्रित सर्वोच्च गुरुद्वारा निकाय, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने उन्हें कोविड के दौरान पंजाब में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और सिलेंडर की आपूर्ति करने, अफगान शरणार्थियों का पुनर्वास करने, सिख युवाओं को कौशल प्रदान करने और रोजगार उपलब्ध कराने में उनकी सेवाओं के लिए अनमोल सिख रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया था।
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से लेकर मोदी तक, अरुण जेटली से लेकर सुषमा स्वराज तक, अक्षय कुमार से लेकर प्रियंका चोपड़ा तक, और यूएई के शेख से लेकर जॉर्डन की रानी एलिजाबेथ द्वितीय से लेकर इस्पात उद्योगपति लक्ष्मी निवास मित्तल तक- साहनी अपने इंस्टाग्राम पेज पर सभी से अपनी मुलाकातों का जिक्र करते हैं।
वह भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा पिछले वर्षों में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए विदेश भेजे गए कई व्यापार प्रतिनिधिमंडलों का भी हिस्सा रहे हैं। उनकी कंपनी उर्वरकों, उर्वरक कच्चे माल और अन्य कृषि उत्पादों के अग्रणी व्यापारियों में से एक है। जिसके दक्षिण अफ्रीका और मध्य पूर्व सहित कई देशों में संबंध हैं।
विश्व पंजाबी संगठन (WPO) के संस्थापक और अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष साहनी कहते हैं कि उन्हें सिख विरासत और संस्कृति से गहरा लगाव है। यह संगठन 1998 में पूर्व प्रधानमंत्री आई.के. गुजराल के संरक्षण में बनाया गया था, जिसका मकसद दुनिया भर में बसे पंजाबी लोगों को भारत से जोड़ना है।
साहनी ने इस दिशा में कई काम भी किए हैं। दिल्ली के गुरुद्वारा बंगला साहिब में बाबा बघेल सिंह सिख विरासत मल्टीमीडिया संग्रहालय और गुरु तेग बहादुर मल्टीमीडिया सभागार बनवाया गया है। इसके अलावा, रकाबगंज गुरुद्वारे में गुरु तेग बहादुर के जीवन पर आधारित एक होलोग्राम शो भी शुरू किया गया है। इन परियोजनाओं से उनका सिख विरासत के प्रति जुड़ाव साफ नजर आता है। पंजाब के फरीदकोट जिले के कोटकापुरा क्षेत्र से संबंध रखने वाले वे एक सूफी गायक भी हैं और उनके नाम 50 से अधिक सूफी और भक्ति गीत हैं।
आम आदमी पार्टी से भाजपा में शामिल होने पर साहनी ने X पर लिखा, “मेरा मानना है कि भाजपा के सदस्य के रूप में मैं केंद्र के समर्थन से पंजाब और यहां की जनता की ज्यादा समर्पण और प्रभावशीलता के साथ सेवा कर पाऊंगा। पंजाब सिर्फ एक राज्य नहीं है- यह एक भावना है, एक विरासत है… आज, वह विरासत संकट में है। हमारा राज्य कठिन वित्तीय संकट और अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है, और यह मुझे बहुत दुख पहुंचाता है। मैं हमेशा से सहकारी संघवाद और मजबूत केंद्र-राज्य साझेदारी में विश्वास रखता आया हूं। मुझे विश्वास है कि इस भावना से मिलकर काम करने से हम पंजाब में स्थिरता, विकास और आशा वापस ला सकते हैं… सार्वजनिक जीवन में मैंने जो कुछ भी किया है, वह एक ही सिद्धांत से निर्देशित रहा है-पंजाब सर्वोपरि। यह सिर्फ एक बयान नहीं, बल्कि जीवन भर की प्रतिबद्धता है।”
साहनी ने आगे लिखा, “हार्वर्ड के पूर्व छात्र और एक पूर्व नौकरशाह होने के नाते और वैश्विक मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के बाद मैं विश्व मंच पर पंजाब और भारत दोनों की आवाज को बुलंद करने के लिए प्रतिबद्ध हूं।”
‘डर नहीं निराशा और घृणा की वजह से छोड़ी AAP’, राघव चड्ढा ने इशारों में केजरीवाल पर बोला बड़ा हमला
आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में जाने वाले राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने आप पर अपने हमले तेज कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी डर नहीं बल्कि बढ़ती घृणा के चलते AAP छोड़ी है। बता दें कि आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया था कि बीजेपी और केंद्र की मोदी सरकार ने केंद्रीय जांच एजेंसियों के जरिए राघव और अन्य आप सांसदों पर दबाव बनाया था, जिसके चलते राघव चड्ढा ने पार्टी छोड़ दी। पढ़ें पूरी खबर।
