Ritabrata Banerjee vs Abhishek Banerjee: पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस एक महीने पहले सत्ता में थी लेकिन विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद स्थिति ये है कि वो ताश के पत्तों की तरह बिखर रही है। टीएमसी में दो फाड़ हो गए। 80 में से 58 विधायकों ने पार्टी द्वारा चुने गए विधायक दल के नेता शोबनदेव चट्टोपाध्याय को अपना नेता मानने से इनकार कर दिया। दावा ये है कि बागवती विधायकों के गुट ने ऋतब्रत बनर्जी को विधायक दल का नेता चुन लिया गया है, जिन्हें विधानसभा अध्यक्ष ने नेता विपक्ष भी स्वीकार कर लिया है।
अहम बात यह है कि ऋतब्रत बनर्जी, ममता बनर्जी को तो अपनी नेता और मार्गदर्शक मान रहे हैं लेकिन असली बगावत उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के खिलाफ कर रहे हैं। ऋतब्रत बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी पर विधायकों के फर्जी साइन करने तक के आरोप लगाए हैं, जिसके चलते उनके खिलाफ सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ केस दर्ज करते हुए नोटिस जारी किया है।
कौन हैं ऋतब्रत बनर्जी?
ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी में दो फाड़ करने वाले ऋतब्रत बनर्जी वाम संगठन SFI से छात्र राजनीति शुरू की, फिर 2020 में टीएमसी से जुड़ गए। टीएमसी ट्रेड यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष बने। 2014 में उन्हें राज्यसभा के लिए चुना गया। 2024 में वह दूसरी बार राज्यसभा सांसद बने। 2026 के विधानसभा चुनाव में वह उलूबेरिया पूरबा से जीते। उन्होंने टीएमसी में बगावत का झंडा बुलंद कर रखा है।
ममता मार्गदर्शक लेकिन अभिषेक के खिलाफ गुस्सा
मीडिया से बातचीत के दौरान ऋतब्रत बनर्जी ने अपनी भावी रणनीति और पार्टी के नेतृत्व को लेकर दिलचस्प बनाया है। उन्होंने ममता और अभिषेक को लेकर बागी गुट के रुख को पूरी तरह शीशे की तरह साफ कर दिया। उन्होंने कहा, “मैं यह बात बिल्कुल स्पष्ट और दो टूक शब्दों में कह देना चाहता हूं कि हमारी नेता आज भी केवल और केवल ममता बनर्जी ही हैं।”
ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, “हम पूरे दिल से चाहते हैं कि वे हमारी मार्गदर्शक, गार्जियन और सलाहकार बनी रहें। वे हमारी संसदीय पार्टी को रास्ता दिखाएं, क्योंकि उनके संघर्ष से ही यह दल खड़ा हुआ है लेकिन जहां तक अभिषेक बनर्जी का सवाल है, तो उनका इस 18वीं विधानसभा से अब कोई लेना-देना नहीं है।”
ऋतब्रत ने बताया कितनी है ताकत
ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया है कि सदन के भीतर ममता बनर्जी की बुलाई बैठकों से दूरी बनाने वाले विधायकों की संख्या लगातार बढ़ रही है और उनके पास दलबदल विरोधी कानून से बचने के लिए पर्याप्त संख्या बल मौजूद है। उन्होंने बताया कि इस समय आधिकारिक तौर पर 58 निर्वाचित विधायक उनके साथ मजबूती से खड़े हैं, जिन्होंने उन्हें नेता प्रतिपक्ष के रूप में अपना समर्थन दिया है।
उनके मुताबिक, अगले 24 से 48 घंटों के भीतर दो और टीएमसी विधायक ममता खेमे को छोड़कर उनके साथ आने वाले हैं, जिससे यह संख्या बढ़कर 60 हो जाएगी। सदन के भीतर अपनी भूमिका को लेकर ऋतब्रत ने कहा कि वे बीजेपी की सुवेंदु अधिकारी सरकार के सामने एक कमजोर या बिकाऊ विपक्ष की तरह काम नहीं करेंगे।
ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि हम सदन के भीतर बेहद रचनात्मक और आक्रामक तरीके से सरकार की गलत नीतियों का विरोध करेंगे। तृणमूल कांग्रेस बंगाल की जनता के हक के लिए एक जिम्मेदार और मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाएगी।
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पश्चिम बंगाल विधानसभा के स्पीकर रथिंद्र बसु ने टीएमसी के बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी को टीएमसी विधायक दल का नेता मान लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विधानसभा स्पीकर ने ऋतब्रत बनर्जी को विधानसभा में विपक्ष के नेता के कमरे की चाबी सौंप दी है। पढ़िए पूरी खबर…
