तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी पर शनिवार को कुछ लोगों ने हमला कर बोल दिया। टीएमसी ने इस हमले का जिम्मेदार भाजपा सरकार को बताया और कहा कि वह बदले की राजनीति कर रही है।
इस पर भाजपा ने दावा किया है कि यह हमला टीएमसी के अंदर चल रही गुटबाजी का नतीजा है। दोनों राजनीतिक दल एक-दूसरे को हमले का जिम्मेदार बता रहे हैं।
टीएमसी ने जारी की तस्वीरें
टीएमसी ने दोपहर को एक तस्वीर पोस्ट कर दावा किया कि बंगाल भाजपा के मंडल अध्यक्ष अभिजीत बिस्वास को अभिषेक बनर्जी पर हमले के दौरान भीड़ को सक्रिय रूप से निर्देश देते और उकसाते हुए देखा गया। इससे सीधा सवाल उठता है कि अगर भाजपा यह दावा करती है कि यह हमला महज लोगों के अचानक भड़के गुस्से का इजहार था तो फिर एक भाजपा पदाधिकारी घटनास्थल पर क्यों मौजूद था और इतनी सक्रिय भूमिका क्यों निभा रहा था।
भाजपा से पूछे सवाल
आगे सवाल उठाया गया, वह किससे निर्देश ले रहा था, इस जमावड़े को किसने मंजूरी दी थी और इस हमले की योजना किसने बनाई थी? आगे मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को निशाने बनाते हुए कहा गया कि शुभेंदु जवाबदेही से बच सकते हैं लेकिन ये सवाल खत्म नहीं होंगे।
आगे एक अन्य पोस्ट में लिखा गया कि यह भाजपा का प्रायोजित हमला था।
इन हमलावरों को किसने शह दी?
एक अन्य पोस्ट में आरोपी की पहचान बताते हुए तृणमूल कांग्रेस ने एक्स पर लिखा, “आरोपी का नाम आकाश गायन है। यह भाजपा का एक कार्यकर्ता है। हैरानी की बात यह है कि हमारे महासचिव अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले में शामिल लोगों के बीच इसे भी देखा गया। सवाल साफ है कि इन हमलावरों को किसने शह दी है? ये लोग खुले तौर पर किस राजनीतिक दल का समर्थन करते हैं?”
इन घटनाओं से यह गंभीर चिंता पैदा होती है कि क्या शनिवार की हिंसा कोई अचानक हुई थी या फिर यह भाजपा समर्थित गुंडो द्वारा राजनीतिक संरक्षण की संस्कृति के तहत रची गई किसी बड़ी और सोची-समझी साजिश का हिस्सा थी। यह जनता का गुस्सा नहीं है बल्कि यह लोकतंत्र की हत्या करने की एक कोशिश है।
सागरिका घोष ने भी भाजपा पर बोला हमला
इधर टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने भी तस्वीरों के साथ एक पोस्ट किया जिसमें उन्होंने दावा किया कि शनिवार को भाजपा ने अभिषेक बनर्जी पर जानलेवा हमला करने की योजना की थी।
उन्होंने लिखा, घटनाओं का क्रम देखिए, पहली तस्वीर में हमले के दौरान भाजपा के एक कार्यकर्ता को अभिषेक का हेलमेट उतारने की कोशिश करते हुए देखा जा सकता है। दूसरी तस्वीर में अभिषेक बनर्जी के चेहरे की ओर एक पत्थर मारा गया। अगर उन्होंने हेलमेट न पहना होता तो इस वार से उनकी जान को खतरा हो सकता था। घटनास्थल पर पुलिस का मौजूद न होना यह साबित करता है कि यह बंगाल भाजपा द्वारा सुनियोजित और रचा गया हमला था और यह शुभेंदु अधिकारी की नापाक योजना का पर्दाफाश करता है।
भाजपा ने हमलावरों को बताया टीएमसी विधायक के करीबी
इस हमले को लेकर भाजपा की ओर से भी दावा किया गया है कि हमला करने वाले लोग टीएमसी के भीतर के ही थी। भाजपा के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने एक्स पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि घटना को लेकर बड़ा ट्विस्ट सामने आया है।
उन्होंने एक्स पर अपने पोस्ट में लिखा, “अभिषेक बनर्जी पर हमले के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए छह लोग, मुश्किल से एक महीने पहले तक TMC की पूर्व MLA लवली मैत्रा के करीबी बताए जा रहे थे। इस खुलासे से जवाब मिलने से ज़्यादा सवाल उठते हैं। क्या यह सिर्फ़ एक अलग घटना थी, या यह तृणमूल कांग्रेस के अंदर गहरी गुटबाज़ी की निशानी है? क्या अंदरूनी दुश्मनी अब खुलकर सामने आ रही है?”
इससे पहले शनिवार को भाजपा के कई मंत्री और नेता यह दावा कर चुके हैं कि यह घटना टीएमसी के प्रति जनता की नाराजगी के कारण घटी है।
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टीएमसी के सांसद कल्याण बनर्जी ने दावा किया है कि रविवार को पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में बीजेपी समर्थकों ने उन पर हमला किया है। जब यह घटना हुई उस वक्त कल्याण बनर्जी टीएमसी के कार्यकर्ताओं के साथ हाल में हुई हिंसा की घटनाओं के विरोध में ज्ञापन सौंपने के लिए वहां पहुंचे थे। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
