IPS Rajiv Krishna: उत्तर प्रदेश की पुलिस को चार साल बाद अपना स्थायी डीजीपी (पुलिस महानिदेशक) मिल गया है। राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार ने नए डीजीपी की नियुक्त कर दी है, जो कि आईपीएस राजीव कृष्ण हैं। वे यूपी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की सूची में शामिल हैं। वे 1 जून 2025 से राज्य के कार्यवाहक डीजीपी के पद पर कार्यरत हैं और अब स्थायी नियुक्ति के चलते वे अगले दो साल तक यूपी के डीजीपी बने रहेंगे।
दरअसल, आईपीएस राजीव कृष्ण पिछले एक वर्ष से कार्यकारी पुलिस महानिदेशक के पद पर मौजूद थे। राजीव कृष्ण की नियुक्ति का आदेश योगी सरकार के अंतर्गत आने वाले अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद ने जारी किया है। डीजीपी के अलावा राजीव कृष्ण के बाद निदेशक सतर्कता अधिष्ठान का भी चार्ज रहेगा।
चार साल बाद मिला स्थायी डीजीपी
बता दें कि आईपीएस राजीव कृष्ण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विश्वसनीय अफसर के तौर जाने जाते हैं। संघ लोक सेवा आयोग से भेजे गए पैनल पर शासन स्तर पर गहन मंथन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजीव कृष्णा के नाम के प्रस्ताव को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है। राजीव कृष्ण के पहले यूपी के आखिरी स्थायी डीजीपी मुकुल गोयल थे, जो कि मई 2022 में रिटायर हो गए थे।
कौन हैं IPS राजीव कृष्ण
आईपीएस राजीव कृष्ण की बात करें तो वे उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारी हैं। वह 1991 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी है। वह राज्य में हाईटेक पुलिसिंग और कड़े अपराध नियंत्रण के लिए जाने जाते हैं।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन में इंजीनियरिंग करने वाले राजीव कृष्ण वर्ष 2024 में महानिदेशक पद पर प्रोन्नत हुए थे। आईपीएस राजीव कृष्ण यूपी पुलिस की सर्विस में विभिन्न पदों पर कार्यरत रह चुके हैं और 2024 में पुलिस महानिदेशक के सर्वोच्च रैंक पर पदोन्नत हुए हैं।
आईपीएस राजीव कृष्ण अगस्त 2005 में सिलेक्शन ग्रेड में पहुंचे थे। अगस्त 2007 को पुलिस उपमहानिरीक्षक और नवंबर 2010 को पुलिस महानिरीक्षक के पद पर प्रमोट हुए थे। एक जनवरी 2016 को उन्हें अपर पुलिस महानिदेशक का पदभार मिला था।
सरकारी विभाग की लापरवाही: कलावती को 47 साल बाद पहली बार मिलेगी पेंशन, हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद शिक्षा विभाग ने दी मंजूरी
उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में सरकारी विभागों की लापरवाही और संवेदनहीनता का एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यह मामला 82 साल की कलावती देवी से जुड़ा है। जिनको 47 साल बाद पहली बार पारिवारिक पेंशन मिलेगी। यानी इनको यह पेंशन पाने के लिए 47 लंबा इंतजार करना पड़ा। पढ़िए पूरी खबर…
