गैंगस्टर से नेता बने गुरप्रीत सिंह सेखों रविवार को आम आदमी पार्टी (AAP) में शामिल हो गए। सेखों के खिलाफ 47 आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं और वह 2016 के चर्चित नाभा जेलब्रेक मामले में मुख्य आरोपियों में शामिल था। मुख्यमंत्री भगवंत मान की मौजूदगी में उनके AAP में शामिल होने के बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर तीखा हमला बोला है।
फिरोजपुर जिले के मुदकी इलाके के रहने वाले सेखों ने जीरा में आयोजित एक जनसभा के दौरान AAP की सदस्यता ली। नाभा जेलब्रेक मामले में मार्च 2023 में उसे 10 साल की सजा सुनाई गई थी। बाद में नवंबर 2023 के अंत में आगे की कानूनी प्रक्रिया लंबित रहने तक उसे जमानत मिल गई थी।
सेखों का पार्टी में स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, ”यहां मौजूद लोगों की जोरदार तालियां बता रही हैं कि जनता पारंपरिक पार्टियों की लूट से पूरी तरह परेशान हो चुकी है और अब सिर्फ काम की राजनीति को पसंद करती है।”
विपक्ष ने उठाए सवाल
सेखों के AAP में शामिल होने पर विपक्षी दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी एक खतरनाक परंपरा की शुरुआत कर रही है।
उन्होंने भगवंत मान से सवाल किया, ”आप इससे क्या संदेश देना चाहते हैं?” वड़िंग ने सरकार को गैंगस्टर संस्कृति को बढ़ावा नहीं देने की चेतावनी दी।
उन्होंने कहा कि अपराधियों का इस तरह राजनीतिक पुनर्वास खतरनाक है। उनके मुताबिक, पहले अपराधी लोगों को डराते हैं, अपराध और वसूली करते हैं और बाद में चुनावी राजनीति में आकर अपने पुराने रिकॉर्ड को मिटाने की कोशिश करते हैं।
शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने भी AAP पर निशाना साधा। पार्टी ने कहा कि अगर गैंगस्टरों को लेकर AAP की यही नीति है तो पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
अकाली दल ने पंजाब पुलिस के चल रहे गैंगस्टर विरोधी अभियान ‘Gangstran Te Vaar’ पर भी तंज कसा। पार्टी ने कहा, ”गैंगस्टरों के खिलाफ जंग नहीं बल्कि उनसे प्यार। लगता है AAP का नया अभियान यही है।”
सेखों ने कहा- मैंने अपनी जिंदगी बदल ली
वहीं सेखों ने दावा किया कि उसने अपनी जिंदगी बदल ली है। उसने कहा, ”मेरे खिलाफ सभी मामले अब निपट चुके हैं।” उसने यह भी कहा कि वह पिछले कई सालों से अपने क्षेत्र के लोगों के लिए काम कर रहा है। जनसभा को संबोधित करते हुए सेखों ने भगवंत मान को अपना बड़ा भाई बताया और कहा कि वह उनका समर्थन करता रहेगा।
उसने कहा, ”मैंने अपनी जिंदगी में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं लेकिन भगवान से प्रार्थना करना कभी नहीं छोड़ा। आज मैं अपने समर्थकों के बड़े परिवार के साथ AAP में शामिल हो रहा हूं।”
सेखों ने द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में बताया कि वह पहले SAD से जुड़ा हुआ था लेकिन अपने समर्थकों की सलाह पर AAP में शामिल होने का फैसला किया। उसने कहा, ”SAD से मेरी कोई नाराजगी नहीं है। मेरे समर्थकों ने मुझे AAP में शामिल होने की सलाह दी और इसलिए मैं पार्टी में शामिल हो रहा हूं।”
पहले AAP के खिलाफ बोल चुका है सेखों
पिछले साल दिसंबर में हुए ब्लॉक समिति चुनावों के दौरान SAD ने सेखों के समर्थित निर्दलीय उम्मीदवारों का समर्थन किया था। कुछ इलाकों में- जहां उसके समर्थक चुनाव लड़ रहे थे, SAD ने अपने उम्मीदवार भी नहीं उतारे थे।
इन चुनावों के दौरान प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों की शिकायतों के बाद सेखों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत गिरफ्तार किया गया था। पांच दिन बाद उसे जमानत मिल गई थी। इस दौरान SAD नेताओं ने उसके परिवार की भी मदद की थी।
उस समय सेखों ने AAP और स्थानीय विधायक रजनीश दहिया पर खुलकर निशाना साधा था। हालांकि पिछले कुछ महीनों में उसका रुख बदलने लगा और वह कई मौकों पर सार्वजनिक रूप से भगवंत मान की तारीफ करता नजर आया। पिछले साल सेखों ने 2027 का विधानसभा चुनाव निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर लड़ने का ऐलान किया था। हालांकि उसने किसी सीट का नाम नहीं बताया था।
जब उससे पूछा गया कि क्या वह आगामी विधानसभा चुनाव में जीरा से AAP का टिकट मांग सकता है तो उसने कहा, ”यह पार्टी पर निर्भर करता है।” यहां फिलहाल AAP के नरेश कटारिया विधायक हैं।
2016 के नाभा जेलब्रेक मामले में रहा आरोपी
सेखों का आपराधिक रिकॉर्ड काफी विवादित रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, उसके खिलाफ वर्षों के दौरान 47 मामले दर्ज हुए हैं।
नवंबर 2016 में नाभा की हाई-सिक्योरिटी जेल पर हथियारबंद हमलावरों ने हमला कर छह कैदियों को छुड़ा लिया था। इनमें सेखों और दो कथित आतंकवादी भी शामिल थे। फरवरी 2017 में उसे दोबारा गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में वह 22 नवंबर 2023 से जमानत पर बाहर है।
उसका नाम 2015 में गैंगस्टर सुखा काहलवां की हत्या के मामले में भी सामने आया था। काहलवां की पुलिस हिरासत में ले जाते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सेखों का नाम गैंगस्टर शेरा खुब्बन और विक्की गौंडर से भी जुड़ा रहा है।
समर्थकों का दावा- बदल चुका है सेखों
हालांकि सेखों के समर्थकों का कहना है कि उसने अपना आपराधिक अतीत पीछे छोड़ दिया है और पिछले कई सालों से सामाजिक कार्यों में सक्रिय है।
समर्थकों के मुताबिक, उसने गरीब परिवारों की लड़कियों की शादी कराने, सड़कों के निर्माण में योगदान देने और पिछले साल आई बाढ़ के दौरान लोगों को राशन, पशु चारा और अन्य राहत सामग्री उपलब्ध कराने में मदद की। एक समर्थक ने दावा किया, ”उसने खुद को पूरी तरह बदल लिया है और पिछले तीन वर्षों में उसके खिलाफ एक भी मामला नहीं है।”
पंजाब में गैंगस्टर से नेता बनने का ट्रेंड, गुरप्रीत सेखों से पहले कौन-कौन?
गैंगस्टर से नेता बने गुरप्रीत सिंह सेखों रविवार को औपचारिक रूप से आम आदमी पार्टी (AAP) में शामिल हो गए। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने फिरोजपुर जिले के जीरा में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में सेखों का आम आदमी पार्टी में स्वागत किया। इसके साथ ही गुरप्रीत सिंह सेखों पंजाब के उन कई अंडरवर्ल्ड चेहरों की सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने अपराध की दुनिया से निकलकर मुख्यधारा की राजनीति में कदम रखा है। हालांकि, इनमें से कोई भी पंजाब विधानसभा का सदस्य बनने के लिए चुनाव नहीं जीत पाया है। हालांकि, पंजाब में गैंगस्टरों से लेकर राजनीति तक का यह सिलसिला कहीं अधिक पुराना है।
