Who is Damayanti Sen: पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। पिछली सरकार के दौरान भ्रष्टाचार, महिलाओं और बच्चियों के उत्पीड़न से जुड़े मामलों की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। महिला और बच्चों के साथ होने वाले अत्याचार के मामलों की जांच के लिए बनी इस कमेटी की अध्यक्षता रिटायर्ड जस्टिस समाप्ति चटर्जी करेंगी। वहीं, सीनियर आईपीएस अधिकारी दमयंती सेन को कमेटी का सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है।
इस कमेटी में दमयंती सेन का नाम सामने आने से कई लोग हैरान हैं। दरअसल, वही आईपीएस अधिकारी हैं जिन्हें ममता सरकार के दौरान पूरी तरह साइडलाइन कर दिया गया था। लेकिन बीजेपी सरकार आते ही उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी गई है। दमयंती सेन पहली बार 2012 में चर्चा में आई थीं, जब उन्होंने ममता सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था।
असल में, पश्चिम बंगाल में चार बच्चियों के साथ रेप का मामला सामने आया था। तब कोलकाता हाई कोर्ट ने जांच की जिम्मेदारी दमयंती सेन को सौंपी थी। दमयंती सेन 1996 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं और कोलकाता पुलिस की जॉइंट कमिश्नर के तौर पर भी काम कर चुकी हैं। उन्हें कोलकाता पुलिस का स्पेशल कमिश्नर भी नियुक्त किया गया था।
पश्चिम बंगाल में चर्चित पार्क स्ट्रीट गैंगरेप केस के दौरान भी दमयंती सेन की जांच ने तृणमूल कांग्रेस सरकार को असहज कर दिया था। उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उन पर सरकार की छवि खराब करने का आरोप तक लगाया था। बाद में बंगाल सरकार ने दमयंती सेन का ट्रांसफर बैरकपुर कमिश्नरेट में कर दिया था।
दमयंती सेन की निजी जिंदगी की बात करें तो उनका जन्म 1970 में हुआ था। उनके परिवार को लेकर ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने अब तक शादी नहीं की है। उन्होंने जादवपुर विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातक किया है। यह भी कहा जाता है कि उन्होंने बच्चों को गोद लिया है।
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