दिल्ली में मणिपुर के सभी विधायकों ने मंगलवार को विधायक दल की बैठक की और युमनाम खेमचंद सिंह को विधायक दल का नेता चुना। युमनाम खेमचंद बीजेपी के सिंगजामे विधानसभा से विधायक हैं।
युमनाम खेमचंद, पूर्व सीएम एन वीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद मुख्यमंत्री बनेंगे। यह बैठक बीजेपी की ओर से दिल्ली में बुलाई गई थी, यहां पार्टी के सभी विधायक शामिल हुए और विधायक दल के नेता की रूप में युमनाम खेमचंद के नाम पर मुहर लगाई।
बीजेपी शांतिप्रिय नेता के रूप में रख रही
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, युमनाम खेमचंद मैतेई समुदाय से ताल्लुक रखते हैं, साथ ही इन्हें हर समुदाय का समर्थन भी हासिल है। ऐसे में भाजपा ने मणिपुर में शांतिप्रिय नेता के रूप में इनका नाम को चुना है। इसके अलावा, युमनाम की छवि एक सुलझे हुए राजनेता की है जिन्हें संगठन और सरकार दोनों का अनुभव है। मई 2023 से मणिपुर जातीय हिंसा की आग में जल रहा है। ऐसे में नेतृत्व परिवर्तन को शांति बहाली के एक बड़े कदम के रूप में जनता के समक्ष रखा जा रहा।
युमनाम खेमचंद कहां से हैं विधायक?
मणिपुर विधानसभा की वेबसाइट के मुताबिक, इनका पूरा नाम युमनाम खेमचंद सिंह है, जो इम्फाल पश्चिमी जिले के सिंगजामे विधानसभा से विधायक हैं, युमनाम दो बार से सिंगजामे विधानसभा से विधायक हैं, इन्होंने 2017 और 2022 में बीजेपी के टिकट से जीते हैं। इनका जन्म एक मार्च 1963 को सिंगजामे चिंगमथक में हुआ, इनके पिता का नाम युमनम कलाचंद सिंह है।
कितनी की है पढ़ाई?
इन्होंने हाईस्कूल तक पढ़ाई की है। साथ ही ताइकांडो खिलाड़ी हैं। ताइकांडो में ही उन्हें दक्षिण कोरिया ने दिसंबर 2025 में ताइक्वांडो में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पांचवी डैन ब्लैक बेल्ट से सम्मानित किया था।
युमनाम ने 16 साल की उम्र में ताइक्वांडो की ट्रेनिंग लेनी शुरू की थी। युमनाम खेमचंद जीटीटीएफ द्वारा दी जाने वाली पारंपरिक ताइक्वांडो मार्शल आर्ट शैली में पांचवीं डैन ब्लैक बेल्ट हासिल करने वाले पहले भारतीय हैं। उन्होंने 1982 में अखिल असम ताइक्वांडो एसोसिएशन की स्थापना की।
रह चुके हैं मणिपुर के स्पीकर
युमनाम खेमचंद 2017 से 2022 तक मणिपुर विधानसभा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। एन.बीरेन सिंह की सरकार में इन्हें नगर और आवास विकास, ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री बनाया गया था। आगे पढ़िए मणिपुर के कांगपोकपी में आगजनी के बाद क्या टूट रही है शांति की उम्मीद?
