पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की कैबिनेट में सबसे युवा शख्स कौन है? 32 वर्ष की आयु में बिराज बिस्वास सीएम शुभेंदु अधिकारी की मंत्रिपरिषद में शामिल होने वाले सबसे युवा व्यक्ति बने। बिस्वास उन 35 नए मंत्रियों में शामिल थे जिन्हें सोमवार को राज्यपाल आर. एन. रवि ने लोक भवन में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। बीजेपी विधायक की कुल संपत्ति करीब 20 लाख रुपये है।

बिराज बिस्वास उत्तर बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले की करंदीघी विधानसभा सीट से विधायक चुने गए। बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर उन्होंने अप्रैल में हुए विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार गौतम पाल को लगभग 20000 वोटों के अंतर से हराया।

बिराज बिस्वास का राजनीतिक सफर

बिस्वास ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से की। वहां से उन्होंने संगठन में लगातार प्रगति की। पहले वे ABVP के राज्य सचिव बने और बाद में उन्हें अखिल भारतीय सचिव के पद तक पदोन्नत किया गया।

अपने नए दायित्व पर विचार व्यक्त करते हुए बिस्वास ने मंगलवार को द इंडियन एक्सप्रेस से कहा, ”इस राज्य और विशेष रूप से अपने विधानसभा क्षेत्र के लोगों की सेवा करना एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री को मुझ पर विश्वास है और इसके लिए मैं उनका अत्यंत आभारी हूं। मैंने पहले ही तय कर लिया है कि अपने क्षेत्र के लिए चार प्रमुख विषयों पर ध्यान केंद्रित करूंगा- स्वास्थ्य सेवाएं, कानून-व्यवस्था, शिक्षा और बुनियादी ढांचा।”

राज्य भर में मानसून की तैयारियों को लेकर उठ रही चिंताओं के बीच बिस्वास ने कहा,”चूंकि मानसून नजदीक आ रहा है, संबंधित विभाग पहले से ही आवश्यक कदम उठा रहा है। पिछले सप्ताह मानसून की तैयारियों का आकलन करने के लिए बैठकें आयोजित की गई थीं। मेरी चिंता यह है कि मेरे विधानसभा क्षेत्र की नदियों में ड्रेजिंग (तलछट हटाने का कार्य) किया जाना चाहिए। सड़कों के संबंध में मैं ठेकेदारों से बात कर रहा हूं और उनसे जल्द से जल्द सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्य पूरा करने को कह रहा हूं।”

बेटे के मंत्री बनने पर मां का बयान

राज्य मंत्री के रूप में अपने शपथ ग्रहण पर परिवार की प्रतिक्रिया के बारे में बिस्वास ने कहा, ”मुझे जो जिम्मेदारी दी गई है, उससे मेरी मां बहुत खुश हैं।”

बिराज बिस्वास की मां बीना बिस्वास ने पीटीआई से कहा, ”मुझे गर्व है कि मैंने ऐसे बेटे को जन्म दिया है। उसका सपना पूरा हो गया है और मैं बहुत खुश हूं।”

उनकी राजनीति के प्रति बचपन से ही रुचि को याद करते हुए उन्होंने कहा, ”वह हमेशा कहता था कि वह अपनी पढ़ाई पूरी गंभीरता से जारी रखेगा लेकिन राजनीति में भी सक्रिय रहेगा और एक दिन मंत्री बनेगा। यह उसका सपना था।”

पेशे से वकील हैं बिस्वास

अपने राजनीतिक जीवन के अलावा, बिस्वास कोलकाता हाई कोर्ट में एक प्रैक्टिस करने वाले वकील भी हैं।

बिराज बिस्वास पहली बार सितंबर 2018 में राजनीतिक सुर्खियों में आए थे। उस समय वे इस्लामपुर के दारीभिट हाई स्कूल में कथित गोलीबारी और बमबाजी की घटनाओं में दो छात्रों की मौत के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों में सक्रिय रूप से शामिल थे। यह टकराव तब हुआ था जब छात्र अन्य अधिक आवश्यक विषयों के बजाय उर्दू और संस्कृत शिक्षकों की नियुक्ति के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे, जिसके दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी।

व्यापक स्तर पर देखा जाए तो बिस्वास का मंत्री के रूप में शामिल होना एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय बदलाव का संकेत देता है। उनके अलावा उत्तर बंगाल से नौ अन्य नेताओं को भी मंत्रिमंडल में स्थान मिला है, जिससे भाजपा सरकार में इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व काफी बढ़ गया है।

उत्तर बंगाल से जिन नेताओं ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। उनमें गौरी शंकर घोष, दीपक बर्मन, मनोज उरांव और निशीथ प्रमाणिक शामिल हैं।

वहीं क्षेत्र के पांच विधायकों को राज्य मंत्री (Minister of State) बनाया गया है। इनमें जुयेल मुर्मू, आनंदमय बर्मन, विशाल लामा, कौशिक चौधरी और स्वयं बिराज बिस्वास शामिल हैं। इसके अलावा, उत्तर बंगाल से आने वाली मालती रावा राय ने भी राज्य मंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की।

बिराज बिस्वास की कुल संपत्ति कितनी?

बिराज बिस्वास की कुल संपत्ति 20 लाख रुपये से कम है। 2026 के विधानसभा चुनाव में दिए हलफनामे में उनकी नेट वर्थ 19,43,000 रुपये बताई गई है। सबसे खास बात है कि उनके बैंक अकाउंट में महज 8000 रुपये होने की जानकारी दी गई है।

चुनावी एफिडेविट में उनके पास 3,65,000 रुपये कैश होने की जानकारी दी गई थी। बीजेपी विधायक के पास 400 ग्राम चांदी और 40 ग्राम सोना है जिनकी कुल वैल्यू 6,35,000 रुपये के आसपास है। खास बात है कि उनके पास 7 लाख रुपये से ज्यादा की किताबे हैं। 2 लाख रुपये के टीवी और फर्नीचर की जानकारी भी उनके हलफनामे में है।