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मोदी या सोनिया में कौन बेहतर? PK बोले- इटली से आकर ये औरा बनाना काबिलेतारीफ, PM पर बोले- उनकी उपलब्धि एक प्रेरणा

नई दिल्लीः मोदी पर उनका कहना था कि वो भी जिस जगह से आए और आज जहां हैं वो भी शानदार उपलब्धि है। उनका कहना था कि दोनों को कंपेयर करना गलत है।

Sonia gandhi, Rahul Gandhi
सोनिया गांधी को लेकर कुछ ऐसा बोलने लगे बीजेपी प्रवक्ता, कांग्रेस नेता भड़कीं- क्या बकवास कर रहा है ये बेहूदा आदमी (फाइल फोटो)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी में कौन बेहतर है? चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर का कहना है कि दूसरे देश से आकर राजनीति में इतनी बड़ी शक्ति बनना वाकई काबिलेतारीफ है। सोनिया ने जो औरा कायम किया वो काबिलेतारीफ है। मोदी पर उनका कहना था कि वो भी जिस जगह से आए और आज जहां हैं वो भी शानदार उपलब्धि है। उनका कहना था कि दोनों को कंपेयर करना गलत है।

ABP के शो प्रेस कांफ्रेंस में पीके का कहना था कि वो मानते हैं कि बीजेपी में मोदी के बाद सबसे शक्तिशाली नेता अमित शाह हैं। राहुल और प्रियंका में से कांग्रेस के लिए कौन बेहतर है, इस सवाल पर उनका कहना था कि ये फैसला कांग्रेस को करना है। रैपिड फायर राउंड के आखिर में उनसे सवाल किया गया कि आपके पास दो लड्डू आए जिसमें एक पर लिखा है देश का पीएम और दूसरे पर लिखा है बिहार का सीएम, आप कौन सा लड्डू लेंगे। पीके का जवाब था- पानी पीने के लिए भागेंगे।

बीजेपी के सवाल पर उनका कहना था कि ऐसा नहीं है कि इसे हराया नहीं जा सकता। संघ और तमाम राजनीतिक जमावड़े के बावजूद बीजेपी को तकरीबन 40 फीसदी वोट ही मिलता है। यानि 60 फीसदी लोग उनसे सहमत नहीं हैं। पीके का कहना था कि आंकड़े से जाहिर है कि बीजेपी को हराया जा सकता है।

कांग्रेस से मोह क्यों नहीं छूट रहा? इस सवाल पर PK का कहना था कि ये उनका बड़प्पन है जो उन्होंने मुझे बुलाया। बात नहीं बनी ये अलग बात है। उनका कहना था कि कांग्रेस के संविधान में हर चीज के लिए अलग पद या प्रकोष्ठ बनाया गया है। जहां मुझे ऑफर किया जा रहा था, मुझे नहीं लगता कि वो जगह फैसले लेने के लिए ठीक थी।

PK का कहना था कि कांग्रेस देश से कभी खत्म नहीं हो सकती। आज की तारीख में गांधी परिवार ही इसके लिए सबसे उपयुक्त है। लेकिन पार्टी सुधार कर ले तो निश्चित रूप से एकस बड़ी ताकत में तब्दील हो सकती है।

राजद सुप्रीमो लालू यादव के खुद पर तंज को उन्हें टालते हुए कहा कि सभी जानते हैं कि मेरे उनसे कितने अच्छे संबंध हैं। वो बहुत बड़े नेता हैं। कुछ भी कह सकते हैं। ध्यान रहे कि लालू ने पीके के बिहार आने के सवाल पर कहा था कि सारे देश का चक्कर लगाकर वो बिहार की तरफ आ रहा हैं।

बिहार से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू करने के सवाल पर उनका कहना था कि ये मेरा अपना सूबा है। यहां काम करना दिल को भाता है। एक सवाल के जवाब में उनका कहना था कि बिहार से शुरुआत का मतलब ये नहीं है कि वो यहीं की राजनीति में खुद को खपा लेंगे। ये तो एक शुरुआत भर है।

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