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कारपोरेट टैक्स पर घिरी सरकार तो बोलीं FM- 11 करोड़ को मिला टॉयलेट, वे क्या किसी के दामाद-जीजा? BJP में नहीं कोई ‘जीजा’

सोमवार को निचले सदन लोकसभा में उन्होंने कहा- हमें बार-बार सूट-बूट की सरकार कहा जा रहा गया है। हमसे कहा गया कि कॉरपोरेट टैक्स कम करने से सिर्फ अमीर को लाभ होगा।

Author नई दिल्ली | Updated: December 2, 2019 10:32 PM
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण। (फोटोः LSTV/PTI)

कॉरपोरेट टैक्स पर घिरी नरेंद्र मोदी सरकार का संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बचाव किया। उन्होंने कहा कि देश के 11 करोड़ लोगों को उनके घर में टॉयलेट मिले। वे आखिर कौन लोग थे? क्या वे किसी के दामाद या फिर जीजा थे? सीतारमण ने आगे यह भी दावा किया कि हमारी पार्टी में कोई जीजा नहीं है। हमारे यहां सिर्फ कार्यकर्ता हैं।

बता दें कि वित्त मंत्री ने यह बात कांग्रेस चीफ सोनिया गांधी के दामाद, कारोबारी और मनी लॉन्ड्रिंग केेस में आरोपी रॉबर्ट वाड्रा के संदर्भ में कही। भाषण के दौरान उन्होंने कहीं भी वाड्रा का नाम नहीं लिया, पर समझा जा सकता है कि मंत्री का इशारा उन्हीं की ओर था।

सोमवार को निचले सदन लोकसभा में उन्होंने कहा- हमें बार-बार सूट-बूट की सरकार कहा जा रहा गया है। हमसे कहा गया कि कॉरपोरेट टैक्स कम करने से सिर्फ अमीर को लाभ होगा। मैं उन्हीं लोगों को बताना चाहती हूं कि यह टैक्स कंपनीज एक्ट के तहत सभी पंजीकृत छोटे और बड़े कारोबारों के लिए फायदेमंद है।

बकौल वित्त मंत्री, “आठ करोड़ लोगों को उज्जवला योजना के तहत गैस कनेक्शन मिले। आयुष्मान भारत के तहत लाभ पाने वाले 68 लाख लोग कौन हैं? वे 11 करोड़ लोग कौन हैं? जिन्हें अपने घर पर टॉयलेट मिले? क्या वे किसी के दामाद या फिर जीजा हैं? हमारी पार्टी में तो कोई जीजा नहीं हैं, हमारे यहां सिर्फ कार्यकर्ता हैं।”

इससे पहले, TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने लोकसभा में कहा था कि सरकार ने जिस टैक्स (कॉरपोरेट) का प्रस्ताव किया है, वह लाभ पाने वालों और लाभ दिलाएगा। जूझती अर्थव्यवस्था का इससे बड़े स्तर पर होने वाले सुधार से कोई लेना-देना नहीं है। अगर इस बिल से सभी को फायदा पहुंचाना है, खासकर MSME को तब, टैक्स रेट सभी पर लागू होना चाहिए।

लोकसभा से कराधान विधि संशोधन विधेयक मंजूरः लोकसभा ने सोमवार को कराधान विधि संशोधन विधेयक 2019 को मंजूरी प्रदान कर दी जिसमें घरेलू कंपनियों की कॉर्पोरेट कर की दर में कमी के माध्यम से सरकारी वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करने का प्रावधान है। लोकसभा में विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उन आलोचलाओं को खारिज कर दिया कि नरेंद्र मोदी सरकार आलोचना नहीं सुनती है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह सरकार और प्रधानमंत्री आलोचनाओं को सुनते हैं और सकारात्मक ढंग से जवाब देते हैं।’’ अर्थव्यवस्था को दुरूस्त करने के लिये सक्रियात्मक कदम नहीं उठाने के आरोपों पर उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले अंतरिम बजट और फिर पूर्ण बजट के बाद कुछ स्थिति उत्पन्न हुई, ऐसे में क्या मंत्री के रूप में इस पर प्रतिक्रिया के लिए कदम उठाने की उनकी जिम्मेदारी नहीं थी?

उन्होंने सवाल किया, ‘‘क्या मैं अगले बजट का इंतजार करती?’’ वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री हों, यह सरकार हो… चाहे आलोचना हो या सुझाव, हम सभी की बातें सुनते हैं और जवाब देते हैं।

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