विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने पिछले सप्ताह नवरात्रि के दौरान होने वाले गरबा और डांडिया कार्यक्रमों में मुसलमानों के शामिल होने पर रोक लगाने की अपील की है। वीएचपी ने कार्यक्रमों में शामिल लोगों के आधार कार्ड की जांच करने और हिंदुओं की पहचान के लिए उनके माथे पर तिलक लगाने की भी बात कही है। वीएचपी की इस अपील पर शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के विधायक आदित्य ठाकरे ने कड़ी आपत्ति जताई है।
आदित्य ठाकरे ने मुलुंड में पत्रकारों से बातचीत के दौरान VHP की अपील पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, ”हमें हिंदुत्व का सर्टिफिकेट देने वाले ये लोग कौन हैं?” उन्होंने कहा कि मुंबई में गरबा हो, नवरात्रि, दही हांडी या गणपति उत्सव- इन आयोजनों में आने वाले हर व्यक्ति की पहली पहचान ‘मुंबईकर’ की है। उन्होंने कहा कि लोग चाहे किसी भी भाषा, राज्य, धर्म या जाति से आते हों, सभी बप्पा के लिए एक साथ आते हैं। उन्होंने कहा, ”बप्पा सभी के हैं।”
GDP के आंकड़ों पर भी उठाए सवाल
आदित्य ठाकरे ने देश की बढ़ती GDP के आंकड़ों को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने इन आंकड़ों को गलत बताते हुए कहा कि जो लोग इन पर सवाल उठाते हैं, उन्हें ‘ब्रेनवॉश्ड नक्सली’ तक कहा जाता है।
उन्होंने सवाल किया कि अगर GDP के आंकड़े सही हैं तो दिल्ली एयरपोर्ट पर जलभराव क्यों होता है? नौकरियां कहां हैं और सड़कों पर गड्ढे क्यों हैं? उन्होंने यह भी पूछा कि अगर अर्थव्यवस्था इतनी मजबूत है तो लोग सोना क्यों न खरीदें और विदेश क्यों न जाएं?
दिल्ली में इमारत गिरने की घटना पर सरकार को घेरा
दिल्ली विश्वविद्यालय के पास सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने की घटना पर भी आदित्य ठाकरे ने सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है। लेकिन सरकार का ध्यान केवल छात्रों को निशाना बनाने पर है।
VHP ने क्या अपील की?
VHP के राष्ट्रीय प्रवक्ता और संयुक्त सचिव श्रीराज नायर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि संगठन ने फैसला लिया है कि नवरात्रि के दौरान गरबा और डांडिया जैसे कार्यक्रमों में मुसलमानों को शामिल होने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
VHP ने कार्यक्रमों में आने वाले लोगों के आधार की जांच करने और हिंदुओं की पहचान के लिए उनके माथे पर तिलक लगाने की भी अपील की है।
‘मुसलमानों की एंट्री नहीं, आने वालों के लिए तिलक जरूरी’
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने न्यूयॉर्क में एक कार्यक्रम में सार्वभौमिक एकता का संदेश दिया था। इसके एक हफ्ते के बाद, विश्व हिंदू परिषद ने महाराष्ट्र में नवरात्रि उत्सव के दौरान मुसलमानों को गरबा और डांडिया कार्यक्रमों में भाग लेने से रोकने और उपस्थित लोगों पर सख्त नियम लागू करने का फैसला किया है।
