बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में बड़ा उलटफेर हुआ है। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बीजेपी के नीरज कुमार सिन्हा को 19,324 वोटों से हरा दिया। वहीं आरजेडी तीसरे नंबर पर रही। प्रशांत किशोर की जीत और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की सीट पर बीजेपी को मिली हार पार्टी के लिए बड़ा झटका है। प्रशांत किशोर काफी समय से बिहार में काम कर रहे हैं।

2 अक्टूबर 2024 को प्रशांत किशोर ने अपनी पार्टी जन सुराज का गठन किया था। इसके बाद उन्होंने पूरे बिहार में पदयात्राएं की। प्रशांत किशोर की पार्टी 2025 में 238 विधानसभा सीटों पर लड़ी लेकिन चुनाव हार गई। तमाम उतार चढ़ाव के बावजूद प्रशांत किशोर का परिवार हमेशा से उनके पीछे मजबूती से खड़ा रहा। प्रशांत किशोर की पत्नी जाह्नवी दास अब अक्सर उनके साथ सार्वजनिक सभाओं में दिख जाती हैं। बांकीपुर में भी जाह्नवी दास ने प्रचार किया।

परिवार में कौन-कौन?

प्रशांत किशोर के परिवार में वर्तमान में उन्हें लेकर चार सदस्य हैं। प्रशांत किशोर की पत्नी जाह्नवी दास गुवाहाटी की रहने वाली है, जबकि उनका एक बेटा भी है। बेटे का नाम दैबिक भारद्वाज है। वहीं प्रशांत किशोर के एक बड़े भाई हैं जो व्यवसायी हैं। साथ ही उनकी 2 बहने भी हैं।

प्रशांत किशोर के माता और पिता का निधन हो चुका है। प्रशांत किशोर के पिता श्रीकांत पांडे बक्सर के प्रसिद्ध डॉक्टर थे। वहीं उनकी मां इंदिरा पांडे हाउसवाइफ थी। प्रशांत किशोर खुद एक इंटरव्यू में कह चुके हैं कि वह पैतृक घर नहीं जाते हैं क्योंकि उनके माता-पिता का निधन हो गया है और इसलिए वहां पर वह जाना ही नहीं चाहते।

हम सभी बहुत खुश हैं- जाह्नवी दास

डॉ. जाह्नवी दास ने मतदाताओं को धन्यवाद दिया। जाह्नवी ने एनडीटीवी को बताया कि वह उनके राजनीतिक कार्यों में भूमिका नहीं निभाती हैं और इसी तरह रहना पसंद करेंगी। उन्होंने प्रशांत किशोर की जीत पर कहा, “हम सभी बहुत खुश हैं। मैं सर्वशक्तिमान मां कामाख्या, बांकीपुर की जनता, पूरे बिहार की जनता और उनकी टीम, जन सुराज टीम के प्रत्येक सदस्य को इस बड़ी जीत के लिए धन्यवाद देना चाहती हूं। मुझे बहुत उम्मीद थी क्योंकि मैंने सुना था कि बांकीपुर के लोग निश्चित रूप से बदलाव चाहेंगे। इसलिए निश्चित रूप से मुझे बहुत उम्मीद थी कि वह जीतेंगे।”

डॉ. जाह्नवी दास ने आगे बताया, “मैं राजनीति से दूर रहती हूं। मुझे लगता है कि उनके पास इस काम के लिए एक अच्छी टीम है। लेकिन निजी जीवन में, मैं निश्चित रूप से उन्हें अपनी पूरी क्षमता से हर संभव समर्थन दूंगी। मुझे लगता है कि 2025 में शायद उन्होंने बहुत मेहनत की और उनकी मेहनत जारी रही। इसलिए मुझे लगता है कि इस बार लोगों ने उन्हें स्वीकार कर लिया है। और मैं इसके लिए वास्तव में आभारी हूं।”

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प्रशांत किशोर के पहला चुनाव जीतने की उम्मीद बढ़ गई है। अगर किशोर जीतते हैं, तो यह जन सुराज के लिए पहली जीत होगी। भारतीय जनता पार्टी के लिए यह एक बहुत बड़ा झटका होगा, क्योंकि वह 1995 से इस सीट पर जीतती आ रही है। पढ़ें पूरी खबर