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कौन सा केंद्र दे रहा फ्री वैक्सीन, बोले रॉबर्ड वाड्रा तो वीके सिंह ने कहा- इस परिवार को मजबूत करना ख़तरनाक

कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा ने मोदी सरकार को घेरते हुए कहा कि लोगों को पता ही नहीं है कि कौन सा केंद्र फ्री में वैक्सीन दे रहा है।

जनरल वीके सिंह ने रॉबर्ट वाड्रा पर पलटवार किया।

कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा ने मोदी सरकार को घेरते हुए कहा कि लोगों को पता ही नहीं है कि कौन सा केंद्र फ्री में वैक्सीन दे रहा है। वाड्रा ने कहा, ‘यदि आप कह रहे हैं कि मुफ्त टीके उपलब्ध हैं, तो आप 25% निजी अस्पतालों को एक निश्चित राशि चार्ज करने की अनुमति क्यों दे रहे हैं? वैक्सीन और उससे होने वाली जटिलताओं के बारे में लोगों को जानकारी नहीं हैं।’ वहीं इसका जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह ने कहा, ‘रॉबर्ट वाड्रा को राजनीति का कोई अनुभव नहीं है, उनकी आज तक कोई प्रशासनिक भागीदारी नहीं रही है। यहां तक कि उन्होंने भारत में भी बहुत कम समय बिताया है। वाड्रा पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप बताते हैं कि गाँधी परिवार को सशक्त बनाना कितना खतरनाक हो सकता है।’

मालूम हो कि आज कांग्रेस ने 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों के टीकाकरण के लिए राज्यों को केंद्र की ओर से टीका मुफ्त उपलब्ध कराने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा में ‘पारदर्शिता की कमी’ का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार इस वक्त देश में रोजाना टीकों की 80 लाख खुराक दिए जाने को प्राथमिकता देनी चाहिए और निजी अस्पतालों में भी लोगों को मुफ्त टीका मिलना चाहिए।

पार्टी के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने केंद्र पर ‘हेडलाइन आधारित सरकार’ होने का आरोप भी लगाया और यह आग्रह किया कि राज्यों को टीके के आवंटन का मापदंड तय किया जाए, ‘कोविन’ पंजीकरण की अनिवार्यता निजी अस्पतालों के लिए भी खत्म की जाए और अतिरिक्त बजट की जरूरत पड़ने पर संसद का सत्र बुलाकर अनुमति ली जाए।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि 18 साल से अधिक उम्र के सभी नागरिकों के टीकाकरण के लिए राज्यों को 21 जून से मुफ्त टीका उपलब्ध कराया जाएगा और आने वाले दिनों में टीकों की आपूर्ति में बड़े पैमाने पर बढ़ोतरी की जाएगी।

पीएम मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में यह ऐलान भी किया कि कुल टीके में 75 प्रतिशत की खरीद सरकार करेगी और 25 फीसदी अब भी निजी अस्पतालों को मिलेंगे, लेकिन वे प्रति खुराक 150 रुपये से ज्यादा सेवा शुल्क नहीं ले सकेंगे।

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