ब्रिटेन की पूर्व गृह मंत्री प्रीति पटेल के दावों पर भारत के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि किसी भी शख्स को वापस भेजने (डिपोर्टेशन) के लिए एक तय प्रक्रिया का पालन किया जाता है और नागरिकता साबित करने के लिए कागजी कार्रवाई की जाती है।
ब्रिटेन की पूर्व गृह मंत्री ने दावा किया था कि भारत सरकार ने ब्रिटेन से हजारों भारतीय प्रवासियों को वापस लेने से इनकार कर दिया है क्योंकि ब्रिटेन ने नीरव मोदी का प्रत्यर्पण नहीं किया है।
कार्यवाही पूरी होने के बाद उन्हें वापस भेज दिया जाएगा- विदेश मंत्रालय
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “नीरव मोदी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही चल रही है और ये कार्यवाही पूरी होने के बाद उन्हें वापस भेज दिया जाएगा।” उन्होंने दोहराया कि भारत सरकार भगोड़े अपराधी को कानूनी प्रक्रिया का सामना करने के लिए वापस लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
दो अरब डॉलर के लोन घोटाले मामले में वांटेड है नीरव मोदी
नीरव मोदी को पंजाब नेशनल बैंक के दो अरब डॉलर के लोन घोटाले मामले में धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों का सामना करने के लिए भारत में वान्टेड है।
पॉडकास्ट में पूर्व गृह मंत्री ने किया था दावा
‘द डेली टेलीग्राफ’ के पॉडकास्ट पर बात करते हुए प्रीति पटेल ने यह भी कहा कि वह इस बात से हैरान और स्तब्ध थीं कि भगोड़ा नीरव मोदी अभी भी यूके में है, जबकि उन्होंने 2021 में ही भारत में उसके प्रत्यर्पण के आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए थे।
प्रीति पटेल ने कहा कि 2019 से 2022 के बीच टोरी सरकार में गृह मंत्री रहते हुए, इस मामले ने उनके लिए मुश्किलें खड़ी कर दी थीं, क्योंकि भारत वीजा की अवधि खत्म होने के बाद भी वहां रुके लोगों को वापस लेने के मामले में काफी आनाकानी करता था।
क्योंकि हमारे पास हाई प्रोफाइल मामला था- प्रीति पटेल
उन्होंने कहा, “असफल शरण चाहने वालों को वापस लेने के लिए भारत को राजी करना मेरे लिए बहुत बड़ी चुनौती थी और मेरा मानना है कि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि हमारे (ब्रिटेन) पास यह हाई-प्रोफाइल मामला (नीरव मोदी का) था और उस समय एक और हाई-प्रोफाइल मामला भी था। जब तक भारत ने उन मामलों में कोई कार्रवाई या प्रगति नहीं देखी, तब तक उनके पास हमारे खिलाफ एक तरह का दबाव बनाने का मौका था, जो बहुत निराशाजनक था।”
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भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर (PoJK) में चल रही चुनावी प्रक्रिया को पूरी तरह से ‘ढकोसला’ रार दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान इस तथाकथित चुनावी नाटक के ज़रिए अपने अवैध कब्ज़े और क्षेत्र में हो रहे गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों को छिपाने की कोशिश कर रहा है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
