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जब मुरली मनोहर जोशी ने पकड़ी अनुवाद में गलती, असहज हो गईं स्‍पीकर सुमित्रा महाजन

स्पीकर ने इसके बाद फौरन जोशी से कहा कि वह इस गलती को मानती हैं। साथ ही वह इस मामले पर उचित कार्रवाई कराएंगी। लेकिन जोशी ने इस पर उन्हें ऐसी ही एक अन्य पुरानी घटना का जिक्र किया।

बीजेपी के वरिष्ठ नेता के गड़बड़ी पकड़ने पर जानिए क्या बोली थीं लोकसभा स्पीकर। (एक्सप्रेस फोटोः प्रेम नाथ पांडे/प्रवीण जैन)

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने सदन के भीतर अनुवाद से जुड़ी गलती पकड़ ली। उन्होंने सदन के एजेंडे के अनुवाद में ट्यूजडे (मंगलवार) की जगह पर अनुवाद में गुरुवार लिखा पाया। जोशी के इस गड़बड़ी को पकड़ने पर स्पीकर थोड़ी सी असहज नजर आई थीं। उन्होंने इसे गलती माना और बीजेपी नेता को इस पर कार्रवाई किए जाने का भरोसा दिलाया।

कैसे पकड़ी गई गलतीः हुआ यूं कि मंगलवार को (31 जुलाई) जब प्रश्नकाल की शुरुआत हुई, तब जोशी प्वॉइंट ऑफ ऑर्डर उठाते हुए बोले, “संविधान के अनुच्छेद 120 का इस मामले में उल्लंघन हुआ है।” स्पीकर तब तक इस गड़बड़ी के बारे में पता नहीं चल पाया था। आगे जब उन्होंने जोशी से पूछा तब वह इस मामले से अवगत हुईं।

क्या लिखा था गलतः उत्तर प्रदेश के कानपुर से बीजेपी सांसद ने स्पीकर को बताया था, “एजेंडे की अंग्रेजी वाली प्रति (कॉपी) में मंगलवार के दिन का जिक्र था, पर उसके हिंदी अनुवाद में गलती थी। अनुवाद में गुरुवार लिखा हुआ था।” ऐसे में जोशी ने स्पीकर से सवाल किया कि वह मंगलवार के दिन को कौन सा दिन मानें? गुरुवार या फिर मंगलवार?

कार्रवाई का आश्वासनः स्पीकर ने इसके बाद फौरन जोशी से कहा कि वह इस गलती को मानती हैं। साथ ही वह इस मामले पर उचित कार्रवाई कराएंगी। लेकिन जोशी ने इस पर उन्हें ऐसी ही एक अन्य पुरानी घटना का जिक्र किया। उन्होंने स्पीकर से कहा कि तीन साल पूर्व भी ऐसी ही गड़बड़ी सामने आई थी, जिसकी ओर जोशी ने ध्यान दिलाया था।

छाया रहा NRC का मुद्दाः आपको बता दें कि मंगलवार को संसद में राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण (एनआरसी) का मुद्दा छाया रहा। शिवसेना सांसद अरविंद गणपत सावंत ने सदन में रोहिंग्या का मुद्दा उठाया और कहा कि घुसपैठियों बांग्लादेश से आकर पूरे भारत में फैल गए। वे जम्मू-कश्मीर से लेकर मुंबई तक पहुंच गए। उन्हें राशन और आधार कार्ड भी मिला। आगे चलकर तो वे चुनाव भी लड़ सकते हैं।

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