पिछले हफ्ते दिल्ली में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के मीडिया कार्यक्रम को लेकर हुए तनाव के बीच, उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके ढाका समकक्ष तारिक रहमान के बीच होने वाली आगामी बैठक दोनों देशों के बीच के मुद्दों को सुलझा लेगी।

रविवार को बांग्लादेश की राजधानी में इंडियन वीजा एप्लीकेशन सेंटर में एक कार्यक्रम के दौरान उनकी यह टिप्पणी तब आई है, जब ढाका ने शेख हसीना की वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस पर नाराजगी जताई थी। भारत के विदेश मंत्रालय ने तुरंत इसमें किसी भी भूमिका से इनकार किया और कहा कि वह उस मंच पर कही गई किसी भी बात का समर्थन नहीं करता है।

दो नेता मिलते हैं तो समस्या हल हो जाती है- त्रिवेदी

त्रिवेदी ने रविवार को कहा, “जब दो नेता मिलते हैं, तो कई समस्याएं हल हो जाती हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि बैठक में समस्या का समाधान हो जाएगा।” उन्होंने आगे कहा, “हम सभी बांग्लादेश की प्रधानमंत्री तारिक रहमान का बहुत सम्मान करते हैं। वह लोगों से जुड़े नेता हैं और हमारे प्रधानमंत्री भी।”

पिछले हफ्ते हसीना ने दिल्ली में अपने संबोधन में कहा था कि वह दिसंबर में बांग्लादेश लौटने और लोकतंत्र बहाल करके देश को सही रास्ते पर लाने के लिए दृढ़ हैं, भले ही उन्हें जेल या मौत की सजा का सामना करना पड़े। इसके तुरंत बाद एक बयान में, बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने इस बातचीत पर नाराजगी जताई और कहा कि इस कार्यक्रम से वहां के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं और इससे भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने के प्रयासों पर बुरा असर पड़ सकता है।

रहमान के विदेश सलाहकार हुमायूं कबीर ने भी त्रिवेदी के साथ एक बैठक के दौरान इस बात पर चिंता जताई थी कि इस तरह की गतिविधियां बांग्लादेश-भारत संबंधों में हुई सकारात्मक प्रगति को कमजोर कर सकती हैं। इसके जवाब में, राजदूत ने कबीर को आश्वासन दिया कि इस मामले पर उचित विचार किया जाएगा और कहा कि भारतीय पक्ष जरूरी जांच करेगा और इस मुद्दे पर सतर्क रहेगा।

शेख हसीना के प्रत्यर्पण का अनुरोध लंबित

इस बीच, पूर्व प्रधानमंत्री हसीना के प्रत्यर्पण के लिए बांग्लादेश का औपचारिक अनुरोध अभी भी लंबित है और भारत सरकार इसकी समीक्षा कर रही है। खबरों के मुताबिक, ढाका स्थित उच्चायुक्त सोमवार को बांग्लादेश के प्रधानमंत्री से मुलाकात कर सकते हैं। उनकी चर्चा के एजेंडे में अगले महीने नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में बंगाल की खाड़ी बहुक्षेत्रीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग पहल (BIMSTEC) के अध्यक्ष के रूप में रहमान को भारत द्वारा दिया गया निमंत्रण भी शामिल होगा।

अभी तक ढाका ने इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री की उपस्थिति की पुष्टि नहीं की है, जबकि बांग्लादेशी मीडिया में ऐसी खबरें आ रही हैं कि रहमान हालिया तनाव के मद्देनजर भारत की यात्रा में शामिल नहीं होंगे। प्रोथोम आलो ने रविवार को रिपोर्ट किया कि यह लगभग निश्चित है कि उनके नेता ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत के निमंत्रण को अस्वीकार कर देंगे।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पुष्टि की कि बिम्सटेक के अध्यक्ष के तौर पर बुलाने के अलावा, भारत ने रहमान को उनके शपथ ग्रहण के तुरंत बाद द्विपक्षीय दौरे के लिए भी आमंत्रित किया था। उन्होंने आगे कहा कि नई दिल्ली ने “बांग्लादेश की प्रधानमंत्री को बिम्सटेक के मौजूदा अध्यक्ष के तौर पर 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में शामिल होने के लिए अलग से निमंत्रण भेजा है।”

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विदेश मंत्रालय ने पूर्व बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के नई दिल्ली स्थित प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर बांग्लादेश सरकार की ओर लगाए गए आरोपों पर जवाब दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि शेख हसीना की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत सरकार की कोई भूमिका नहीं है। यह एक निजी प्रेस संगठन की ओर स्वतंत्र रूप से आयोजित की गई थी। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…