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SC की सुनवाई के बीच जब आने लगी सोनिया गांधी की आवाज, जानें- क्या है पूरा मामला?

एडवोकेट हरदीप शर्मा ने इस पर चुटकी लेते हुए कहा- अरे जब मैडम कोर्ट तक आ ही गई थीं तो उनसे नेशनल हेराल्ड और अगस्तावेस्टलैंड के मामले में सरेंडर ही करवा लेते। मैडम पिछले काफी समय से बीमारी और कोरोना का बहाना ले लेकर केवल तारीख पर तारीख ले रही हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (express file photo)

सुप्रीम कोर्ट में कोरोना पर चल रही सुनवाई के दौरान एक मजेदार वाकया पेश आया। दरअसल, वर्चुअल सुनवाई के दौरान तकनीकी खराबी की वजह से कांग्रेस चीफ सोनिया गांधी का भाषण सुनाई देने लगा। इसे सुनते ही सारे हंस पड़े। कोर्ट का माहौल कुछ देर के लिए हल्का हो गया। सुनवाई में शामिल वकीलों ने इस पर टिप्पणी भी की।

एडवोकेट हरदीप शर्मा ने इस पर चुटकी लेते हुए कहा- अरे जब मैडम कोर्ट तक आ ही गई थीं तो उनसे नेशनल हेराल्ड और अगस्तावेस्टलैंड के मामले में सरेंडर ही करवा लेते। मैडम पिछले काफी समय से बीमारी और कोरोना का बहाना ले लेकर केवल तारीख पर तारीख ले रही हैं। उनकी बात सुनकर दूसरे वकील भी ठहाके लगाकर हंस पड़े। सुनवाई को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस होने के आसार थे। लेकिन इस तरह के वाकये से माहौल कुछ देर के लिए हल्का हो गया।

सूत्रों का कहना है कि कोरोना पर सुनवाई के दौरान तकनीकी समस्या आ रही थी, जज और दूसरे वकील बार- बार डिस्कनेक्ट हो रहे थे। कपिल सिब्बल ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को फोन कर कंट्रोल रूम को उन्हें अनम्यूट करने के लिए कहा। इसके बाद पी चिदंबरम की ओर से भी अनम्यूट करने के लिए कहा गया उसी वक्त सोनिया गांधी की आवाज सुनाई देने लगी जो कोरोना पर ही बोल रही थीं। इसके बाद कपिल सिब्बल ने कहा कि इसे बंद कीजिए।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से वैक्सीन पॉलिसी पर फिर से विचार करने को कहा था। इस मामले में सरकार ने अपना जवाब दाखिल कर दिया है। केंद्र सरकार की ओर से कहा गया है कि वैक्सीन पॉलिसी बेहतरीन है और इसमें उच्चतम न्यायालय के दखल की कोई जरूरत नहीं है। सरकार की तरफ से कहा गया कि वैक्सीन के अलग-अलग दामों से आम जनता को कोई फर्क नहीं पड़ने जा रहा, क्योंकि तकरीबन सभी सूबों की सरकारें फ्री वैक्सीन दे रही हैं।

सरकार का कहना था कि वैक्सीन और कोरोना को लेकर जो पॉलिसी तैयार की गई है उसके दूरगामी परिणाम हैं। कार्यपालिका ने अपनी इंटेलीजेंस का इस्तेमाल करते हुए इसे तैयार किया है। देश के सभी लोगों को वैक्सीन देने से ही कोरोना नियंत्रित हो सकता है। अभी दूसरे देशों की वैक्सीन को भी मंजूरी दी जानी हैं। इसलिए फिलहाल जो वैक्सीन पॉलिसी है उसमें कोर्ट दखल न दे तो ही बेहतर है।

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