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जब टाटा ने ऑटोमोबाइल सेक्टर के दोस्तों को गलत साबित कर दिया था, बनाई थी भारत की यह पहली स्वदेशी कार; जानें पूरा वाकया

रतन टाटा ने आगे कहा था कि 'जब हम इसे बाजार में उतारने के बिल्कुल करीब थे तब भारत में मेरे कुछ दोस्तों ने मुझसे दूरी बना ली शायद वो लोग किसी नाकाम शख्स से दूर रहना चाहते थे।'

ratan tata, nano, indicaरतना टाटा ने खुद इस कार को ड्राइव कर के लॉन्च किया था। फाइल फोटो

देश की पहली स्वदेशी कार Indica है। यह बात तो सभी जानते हैं। लेकिन यह कम लोग ही जानते हैं कि जब सफल उद्योगपति रतन टाटा इस कार को को विकसित करने और बाजार में लाने की ठान चुके थे तब उनके कई दोस्त उनसे किनारा करने लगे थे क्योंकि उन्हें यह लगता था कि रतन टाटा का यह प्रयोग नाकाम हो जाएगा। इस कार के बाजार में आने के वक्त का किस्सा खुद रतन टाटा ने सुनाया था। रतन टाटा ने एक समारोह में इस दिलचस्प किस्से को शेयर करते हुए कहा था कि ‘ऑटोमोबाइल सेक्टर में काफी संभावनाएं हैं और यह काफी बेहतरीन बिजनेस है। उन्होंने कहा था कि ‘मेरे द्वारा किये जाने वाले अन्य सभी बिजनेस में ऑटोमोबाइल सबसे ज्यादा मजेदार है…मेरे लिए सबसे गर्व की बात यह है कि जब मैं कुछ अलग करने की कोशिश कर रहा था तब सभी लोगों ने मुझसे कहा था कि यह नहीं हो सकता लेकिन हमने साबित कर दिखाया।’

इस समारोह में उन्होंने आगे कहा था कि ‘एक समय ऐसा था जब मैं इस बात को लेकर काफी उत्साहित था कि भारत खुद अपनी कार बनाए। सभी लोग यहां तक कि मेरे वो दोस्त जो ऑटोमोबाइल बिजनेस में हैं उन्होंने कहा कि यह नहीं हो सकता हमें इसके लिए किसी से संपर्क कर लेना चाहिए ताकि हमें तकनीकी मदद मिल सके। लेकिन हमने तय किया कि हम यह कार बनाएंगे। जो आपने इमेज अभी वीडियो में देखा वो इंडिका है। हमने इसे भारत में बनाया है और इसमें भारत की सामग्रियों का ही इस्तेमाल किया गया है।’ रतन टाटा ने आगे कहा था कि ‘जब हम इसे बाजार में उतारने के बिल्कुल करीब थे तब भारत में मेरे कुछ दोस्तों ने मुझसे दूरी बना ली शायद वो लोग किसी नाकाम शख्स से दूर रहना चाहते थे।

लेकिन जब कार बाजार में आई तब मुझे अचानक महसूस हुआ कि दुनिया में मेरा कोई दोस्त नहीं है। कार बाजार में आई औऱ इसने मार्केट शेयर की 20 फीसदी कमाई की। हमने देखा कि हम कुछ कर सकते हैं। कार के आने के बाद हमें महसूस हुआ कि हम इस सेक्टर में बहुत कुछ कर सकते हैं। हम नई तकनीक को सीख सकते हैं और सबसे बड़ी बात यह है कि यह भारतीय अर्थव्यवस्था में नया बदलाव ला सकता है।’

आपको बता दें कि वर्ष 1998 में टाटा मोटर्स ने देश की पहली स्वदेशी कार टाटा इंडिका बनाई थी। टाटा मोटर्स ने Tata Indica को 1999 में मार्केट में उतारा था। 1998 के जेनेवा मोटर शो में टाटा मोटर्स ने Tata Indica को लॉन्च किया था और कुछ दिन बाद इंडियन ऑटो एक्सपो में भी इसकी लॉन्चिंग कर दी गई। टाटा ग्रुप के चेयरमैन रतन टाटा ने खुद ड्राइविंग करके भारत की पहली स्वदेशी कार टाटा इंडिका की लॉन्चिंग की थी।

एक सफल व्यवसायी की पहचान रखने वाले रतन टाटा ने खुद कहा था कि उनका ये सपना था की भारत के हर आम आदमी के पास एक कार हो और तब आई टाटा नैनो जिसे जल्दी ही लोग लखटकिया कार के नाम से जानने लगे थे। हालांकि नैनो बहुत ज्यादा चल नहीं सकी थी। आपको बता दे की जब नैनो कार साल 2008 में लॉन्च हुई थी तब इस कार को रतन टाटा ने लोगों की कार कहा था।

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