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जब रतन टाटा ने दिखाया, सफल कारोबारी के अलावा बेहतरीन इंसान भी हैं

जब पिछले साल कोरोना महामारी के कारण देश में लॉकडाउन लगाया था तो देश के अधिकांश उद्योग धंधे बंद हो गए थे। तब रतन टाटा ने केंद्र सरकार को एक बड़ी रकम मदद के रूप में दिया था। रतन टाटा ने करीब 500 करोड़ रूपये पीपीई किट, मास्क और अन्य सामग्री खरीदने के लिए दिए थे।

tata , Mumbai , Indiaदिग्गज कारोबारी रतन टाटा (फोटो – एक्सप्रेस आर्काइव )

रतन टाटा का नाम देश के बड़े और सम्मानित उद्योगपतियों में लिया जाता है। 1991 में टाटा ग्रुप की कमान संभालने वाले रतन टाटा ने कंपनी को दुनिया भर में पहचान दिलाई। बड़े उद्योगपति होने के बावजूद रतन टाटा एक अच्छे और सादगी पसंद माने जाते हैं। कई ऐसे मौके आये जब रतन टाटा का सादगी पसंद और इंसानियत वाला चेहर लोगों को देखने को मिला है। तो आइए जानते हैं उनकी कुछ अच्छी बातें जो उन्हें दूसरे कारोबारी से अलग करती है।

जब पिछले साल कोरोना महामारी के कारण देश में लॉकडाउन लगाया था तो देश के अधिकांश उद्योग धंधे बंद हो गए थे। तब रतन टाटा ने केंद्र सरकार को एक बड़ी रकम मदद के रूप में दिया था। रतन टाटा ने करीब 500 करोड़ रूपये पीपीई किट, मास्क और अन्य सामग्री खरीदने के लिए दिए थे।

अपने कर्मचारियों के प्रति आदर और विनम्रता का भाव रखना रतन टाटा की पहचान है। इससे ही संबंधित एक दिलचस्प वाकया कुछ ही दिन पहले देखने को मिला था। दरअसल रतन टाटा अपने एक बीमार कर्मचारी से मिलने के लिए पुणे में उसके घर तक पहुँच गए थे। इस दौरान रतन टाटा ने उस कर्मचारी के पुरे परिवार के खर्च उठाने का और साथ ही बच्चों की पढाई में भी आर्थिक सहयोग का वायदा किया था। पुणे में अपने कर्मचारी से मिलने जाने की सूचना किसी को भी नहीं दी गयी थी बल्कि मीडिया को भी इसकी भनक नहीं लग पायी थी।

रतन टाटा सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं। इंस्ट्राग्राम में उनके करीब  3.5 मिलियन  फॉलोअर हैं। पिछले साल रतन टाटा ने इन्स्टाग्राम पर अपना एक फोटो शेयर किया था जिसमें वे जमीन पर बैठे हुए थे। उनके इस फोटो पर कई फॉलोअर ने अलग अलग तरह की प्रतिक्रियाएँ दी। लेकिन एक महिला फॉलोअर ने प्रतिक्रिया देते हुए रतन टाटा को छोटू लिखकर संबोधित किया। जिसपर कई लोगों ने उस महिला को ट्रोल करना शुरू कर दिया। इस पर रतन टाटा ने महिला का बचाव करते हुए कहा कि हर इंसान के अंदर एक बच्चा होता है। इसलिए कृपया करके महिला के साथ अच्छा व्यवहार करें।

मनुष्य के साथ रतन टाटा का पशु प्रेम भी किसी से नहीं छिपा है। उन्होंने कुत्तों के लिए टाटा ग्रुप के ऑफिस में एक कैनेल रूम भी बनाया हुआ है। इसके अलावा रतन टाटा आवारा पशुओं के प्रति जागरूकता फ़ैलाने के लिए अपने इन्स्टाग्राम और ट्विटर पेज पर भी अपील करते रहते हैं। केरल में गर्भवती हथिनी की मौत पर उन्होंने एक पोस्ट शेयर करते हुए दुःख व्यक्त किया था और न्याय की मांग भी की थी। 

इसके अलावा भी कई ऐसे मौके आये हैं जब रतन टाटा का मानवीय संवेदना से भरा चेहरा लोगों को देखने को मिला हो। फिर चाहे 26/11 में ताज होटल के ऊपर हुए हमले में घायल और मृत कर्मचारियों के परिवार का खर्च वहन करना हो या कुपोषण के खिलाफ टाटा ट्रस्ट के द्वारा स्कूलों में बच्चों को भोजन देना हो।

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