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पी चिदंबरम जब लेने लगे थे अंग्रेजी में लालू का ‘इंटरव्यू’, RJD नेता ने दिया था जवाब- टीचिंग, क्या पूछ रहे हैं?

लालू का कहना था कि कोई इंसान एक जगह का प्रोफेसर होता है लेकिन वह दुनिया भर के प्रोफेसर बने हुए हैं। लोगों को पढ़ाते हैं। उनका कहना था, आई एम टीचिंग द ब्वॉय एंड गर्ल, इन्क्लूडिंग टीचर आल ओवर द वर्ल्ड।

Lalu yadav, NDTV Profit, P Chidambram, Pranab roy, Railway ministryराष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद ( सोर्स – एक्सप्रेस आर्काइव फोटो)

ndtv profit के अवार्ड समारोह में पी. चिदंबरम ने तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव से पूछा कि क्या वह टीचिंग में अपना कैरियर बनाने की सोच रहे हैं। लालू ने अपने चिर परिचित अंदाज में जवाब दिया, टीचिंग, क्या पूछ रहे हैं आप?

दरअसल लालू को रेलवे को फायदे में लाने के लिए न्यूज चैनल के प्रोग्राम में सम्मानित किया गया था। लालू स्टेज पर गए तो वहां एंकर प्रणब रॉय के साथ केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम भी मौजूद थे। समारोह में मुकेश अंबानी जैसी हस्तियां भी मौजूद थीं। स्टेज पर लालू से रेलवे मिनिस्ट्री को लेकर सवाल जवाब किए गए।

प्रणब ने पूछा, लालू जी क्या आप बिजनेसमैन हैं। लालू ने चुटीले अंदाज में जवाब दिया कि वह कोई उद्यमी नहीं हैं। शुरू के दिनों में वह दूध का बिजनेस करते थे। उस दौरान उनके पास पढ़ाई लिखाई का काम नहीं था। उस दौरान उन्हें कुछ अनुभव हुए।

पी चिदंबरम ने उनकी उपलब्धि पर पूछा कि अब आप मंत्री के बजाए प्रोफेसर ऑफ बिजनेस हैं। क्या वह टीचिंग के बारे में सोच रहे हैं। लालू का जवाब था कि इंडियन रेलवे का जो टर्न अराउंड हुआ है और फाइनेंस मिनिस्ट्री का जो झोला भरने का काम हमने किया है, उसके से बाद देश विदेश की यूनिवर्सिटी के बच्चे उनसे सवाल करने अक्सर आते हैं। वह रेलवे को लेकर सवाल करते हैं।

लालू का कहना था कि कोई इंसान एक जगह का प्रोफेसर होता है लेकिन वह दुनिया भर के प्रोफेसर बने हुए हैं। लोगों को पढ़ाते हैं। उनका कहना था, आई एम टीचिंग द ब्वॉय एंड गर्ल, इन्क्लूडिंग टीचर आल ओवर द वर्ल्ड। उसके बाद इंटरव्य़ू खत्म हो जाता है। लेकिन लालू जब तक स्टेज पर रहे हाल में ठहाके गूंजते रहे। जिस तरह के अंदाज में वह प्रणब और चिदंबरम के सवालों के जवाब दे रहे थे, उसने लोगों को हंसने पर मजबूर कर दिया।

गौरतलब है कि यूपीए वन में लालू ने रेल मंत्री का कार्यभार संभाला था। उस दौरान घाटे में चल रही रेलवे मुनाफा कमाने लगी थी। यह बात दुनिया भर में मशहूर हुई थी। उसके बाद हावर्ड समेत देश विदेश के तमाम मैनेजमेंट स्कूल लालू से यह पूछने आते थे कि रेलवे को वह फायदे में कैसे ले आए। लालू ने इस पर कई विवि में व्याख्यान भी दिए थे। उन्होंने बताया था कि बगैर भाड़ा बढ़ाए कैसे उन्होंने रेलवे को लाभ की स्थिति में ला दिया। लालू का वह मैनेजमेंट आज भी लोगों को लिए शोध का विषय है। इसी उपलब्धि के लिए उन्हें 2008 में ndtv profit के अवार्ड समारोह में सम्मानित किया गया था।

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