समाजवादी पार्टी ने राम मंदिर दान मामले को लेकर बुधवार को संसद परिसर में प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान सपा सांसद डिंपल यादव हाथ में टीन का एक बॉक्स थामे नजर आईं। इस बॉक्स में सपा सांसद रुपये डालते नजर आए।
सपा के इस प्रदर्शन के दौरान पार्टी के सांसद ‘चंदा चोर, गद्दी छोड़’ नारे लिखे तख्तियां ली हुई थीं। इस दौरान जब मीडिया ने डिंपल यादव से सवाल किया तो उन्होंने कहा, “आप लोग भी पहले दान दीजिए, चंदा दीजिए चलिए, सब लोग डालिए दान”।
मीडिया के सवालों के जवाब देते हुए डिंपल यादव ने आरोप लगाते हुए कहा कि राम मंदिर को लेकर जिन लोगों की श्रद्धा थी, उन्होंने भगवान राम के चरणों में दान दिया लेकिन बीजेपी और उनके साथियों ने इस चंदे को हजम करने का काम किया।
उन्होंने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ लगातार अयोध्या जा रहे थे, वहां इतनी बड़ी घटना हुई, इसके लिए वो भी जिम्मेदार हैं।

राम मंदिर दान मामले की जांच के लिए बनाई गई SIT के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि एसआईटी जांच पहले भी हुई थी। वहां दो-ढाई करोड़ की जमीन थी, उसे 16 करोड़ में बेचा गया और एक अन्य सस्ती जमीन को 24-25 करोड़ में बेचा गया। उन्होंने दावा किया कि ये SIT कमेटी खानापूर्ति के लिए गठित की जाती हैं।
अखिलेश बोले- जो चढ़ावा नहीं बचा पाए, वो पेपर लीक क्या रोकेंगे
सपा के इस प्रदर्शन के दौरान पार्टी चीफ अखिलेश यादव भी मौजूद थे। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, “जो दान पात्र को नहीं बचा पाए, श्रद्धा से जो चढ़ावा चढ़ता है, उसको नहीं बचा पाए, उनसे क्या उम्मीद करोगे कि पेपर लीक नहीं होंगे, परीक्षा रद्द नहीं होंगी।”
एएनआई से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि राम मंदिर के लिए दिए गए दान की चोरी एक गंभीर मामला है। यह मुद्दा देश और दुनिया भर के उन करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा है जो भगवान राम और हिंदू धर्म को मानते हैं। उन्होंने कहा कि लोग बहुत दुखी हैं, भगवान राम के नाम पर वोट तो मांगे, लेकिन चढ़ावे और दान का कोई सम्मान नहीं किया।
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि इस बात का कोई हिसाब-किताब नहीं है कि पैसा कहां गया; जो जानकारी दी गई है, उसमें मिली कुल रकम का सही ब्योरा नहीं है। अभी जो आंकड़े सामने आए हैं, वे सिर्फ 45 से 50 दिनों के हैं, जबकि ऐसी चोरी 1990 से हो रही है। जब एलके आडवाणी ने रथ यात्रा शुरू की थी, तो लोगों ने बड़े पैमाने पर गहने और पैसे दान किए थे; तब से यह सिलसिला चल रहा है। हम इस मुद्दे को उठाएंगे।
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