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जब अटल बिहारी वाजपेयी ने पूछा था- देवी प्रसाद, शाम की क्या व्यवस्था है और फिर ऐसे हुआ था व्हिस्की, चिकन का इंतजाम

1975 के इस किस्से का जिक्र वाजपेयी के जीवन पर आधारित किताब 'हार नहीं मानूंगा' (एक अटल जीवन गाथा) में भी मिलता है, जिसे पत्रकार विजय त्रिवेदी ने लिखा है।

दिवंगत पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटोः मोहन बाणे)

भारत रत्न से सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री और BJP के दिवंगत वरिष्ठ नेता अटल बिहारी वाजपेयी को आपातकाल के दिनों में जेल जाना पड़ा था। वह किसी तरह सलाखों से बाहर आए, जिसके बाद उन्हें फिर गिरफ्तार कर लिया गया था। हालांकि, उस दौरान उनका स्वास्थ्य दुरुस्त नहीं था, लिहाजा उन्हें इस बार जेल के बजाय अस्पताल ले जाया गया था।

वाजपेयी तब नई दिल्ली के AIIMS में थे, जहां उनके कमरे के पास ही NCP नेता देवी प्रसाद त्रिपाठी का कमरा था। उन्होंने तब शाम को उन्हीं से पूछा था, “शाम की क्या व्यवस्था है।” बीजेपी नेता के इस सवाल के बाद त्रिपाठी ने किसी तरह अच्छी व्हिस्की का इंतजाम किया था, जबकि खुद वाजपेयी ने चिकन के साथ अन्य खाने की चीजें मंगाई थीं।

1975 के इस किस्से का जिक्र वाजपेयी के जीवन पर आधारित किताब ‘हार नहीं मानूंगा’ (एक अटल जीवन गाथा) में भी मिलता है। Harper Hindi (Harper Collins Publishers India Ltd.) द्वारा प्रकाशित पत्रकार विजय त्रिवेदी की किताब के पेज नंबर-47 के मुताबिक, कोर्ट में वाजपेयी से जुड़ी कुछ याचिकाओं पर सुनवाई होनी थी।

किताब में आगे कहा गया, अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख 17 जुलाई रखी थी। उसी दिन सुबह छह बजे जेल अफसर ने आकर वाजपेयी को जगाया और कहा- आज आप छोड़े जा रहे हैं। तैयार हो जाएं।

हालांकि, इस पर अटल जी समेत अन्य को शक हुआ कि सरकार इसके बहाने कुछ और ही चाहती है। 10 बजे वे लोग गाड़ी से बाहर निकले तो उन्हें दोबारा से अरेस्ट कर लिया गया।

अटल जी के साथ तब लाल कृष्ण आडवाणी, मधु लिमये और श्याम बाबू भी थे। चारों को दिल्ली लाया गया, जहां अटल जी को छोड़कर बाकी तीनों को रोहतक जेल शिफ्ट किया गया। वाजपेयी जी की तबीयत ठीक न होने के कारण उन्हें दिल्ली में ही रखा गया।

उनके करीबी दोस्त के मुताबिक, वाजपेयी का कमरा उस वक्त एम्स में डीपी त्रिपाठी के नजदीक ही थी। उन्होंने त्रिपाठी से पूछा था- शाम के लिए क्या व्यवस्था है?

इस पर त्रिपाठी ने अस्पताल के नीचे जा पीसीओ से भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी की बहन को फोन घुमाया और अच्छी व्हिस्की मंगाने का निर्देश दिया। इधर, वाजपेयी ने भी किसी तरह चिकन और खाने की अन्य चीजें मंगाई और कुछ इस तरह तब उनकी शाम की व्यवस्था हुई थी।

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